गुजरात से दुमका पहुंचा रामगढ़ के 2 चचेरे भाइयों का शव

दुर्गापूजा के उल्लास के बीच सोगे टोला में पसरा मातम, दोनों परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
दुमका। दुर्गापूजा के उल्लास के बीच रविवार शाम रामगढ़ प्रखंड के ऊपर ग्रहण गांव के सोगे टोला में मातम पसर गया। गुजरात के गांधीनगर के निकट छत्राल स्थित केमिकल फैक्ट्री में हुए विस्फोट में जान गंवाने वाले टेडा देहरी और सिकंदर देहरी के शव गांव पहुंचे तो परिजनों की चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। दोनों आपस में चचेरे भाई थे। शव पहुंचते ही परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। हादसे ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

जुलाई में मजदूरी करने गए थे गुजरात:
टेडा देहरी और सिकंदर देहरी रामगढ़ प्रखंड की सिलठा बी पंचायत के ऊपर ग्रहण गांव के सोगे टोला के निवासी थे। दोनों आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय से आते थे। परिजनों के अनुसार, दोनों इसी साल जुलाई में मजदूरी करने गुजरात गए थे। इससे पहले भी वे इसी कंपनी में काम कर चुके थे। परिवार की जरूरतें पूरी करने और रोजी-रोटी कमाने के लिए दोनों घर से दूर रहकर मेहनत कर रहे थे, लेकिन फैक्ट्री में हुए हादसे ने उनकी जिंदगी छीन ली।

नोजल फटने के बाद फैक्ट्री में लगी थी आग:
घटना 15 अक्टूबर की बताई गई है। गुजरात के गांधीनगर के निकट छत्राल स्थित केमिकल फैक्ट्री में बॉयलर का नोजल फटने से जोरदार विस्फोट हुआ, जिसके बाद फैक्ट्री में आग लग गई। सूचना मिलने पर दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। इस हादसे में कुल 4 मजदूरों की मौत हुई थी। मृतकों में झारखंड के गोड्डा जिले के विनोद कुमार के साथ दुमका जिले के रामगढ़ प्रखंड निवासी टेडा देहरी और सिकंदर देहरी शामिल थे।

हादसे में बुरी तरह झुलस गए थे मजदूर:
जानकारी के मुताबिक, विस्फोट और आग की चपेट में आने से मजदूरों के शरीर बुरी तरह झुलस गए थे। हादसे की खबर मिलने के बाद से ही दोनों परिवारों में चिंता और दुख का माहौल था। रविवार को शव गांव पहुंचने के बाद परिजनों का दुख फूट पड़ा। दुर्गापूजा के समय घर लौटने की उम्मीद अब मातम में बदल गई। दोनों परिवारों के लिए यह हादसा अपूरणीय क्षति बन गया है।

सिकंदर देहरी की पत्नी 3 माह की गर्भवती;
हादसे ने सिकंदर देहरी के परिवार को गंभीर संकट में डाल दिया है। उनकी पत्नी 3 माह की गर्भवती है। पति की मौत के बाद उनके सामने आने वाले बच्चे के भविष्य और परिवार के भरण-पोषण की चिंता खड़ी हो गई है। टेडा देहरी के परिवार पर भी रोजी-रोटी का संकट मंडरा रहा है। दोनों मजदूर परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए गुजरात गए थे, लेकिन उनकी मौत के बाद परिवारों को आर्थिक असुरक्षा के बीच भविष्य की चिंता सता रही है





Comments