काठीकुंड छात्रा हत्याकांड पर उबाल, दिनभर जाम रहा आंबेडकर चौक

14 अक्टूबर तक गिरफ्तारी नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन झारखंड बंद की चेतावनी,
काठीकुंड थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय आदिवासी छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की घटना को लेकर सोमवार को दुमका में भारी आक्रोश देखने को मिला। आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर झारखंड छात्र सभा के बैनर तले छात्र-छात्राओं ने एसपी कॉलेज से जुलूस निकालकर आंबेडकर चौक जाम कर दिया। करीब 4 घंटे तक जाम रहने से यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने एंबुलेंस और स्कूल बसों को रास्ता दिया। नगर थाना प्रभारी, मुफस्सिल थाना प्रभारी, सदर अंचल अधिकारी और जिला कल्याण पदाधिकारी ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। प्रशासन की ओर से 2 दिनों के भीतर आरोपितों की गिरफ्तारी का आश्वासन मिलने के बाद जाम समाप्त हुआ।

कैंडल मार्च निकालकर दी श्रद्धांजलि, 14 अक्टूबर तक कार्रवाई की मांग
जाम हटने के बाद आंबेडकर चौक से कैंडल मार्च निकाला गया, जो टीन बाजार चौक पहुंचा। यहां मोमबत्तियां जलाकर मृत छात्रा को श्रद्धांजलि दी गई। शाम को छात्र समन्वय समिति के बैनर तले एसपी कॉलेज से पोखरा चौक होते हुए वीर कुंवर सिंह चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि 14 अक्टूबर तक आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन झारखंड बंद किया जाएगा। आंदोलन का आह्वान करने वाली सविता सोरेन ने भी लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की और दोषियों को कठोरतम सजा देने की मांग उठाई।

एसपी के नेतृत्व में 11 सदस्यीय एसआईटी गठित
मामले के उद्भेदन और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक अम्बर लकड़ा के आदेश पर 11 सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया गया है। इसकी कमान दुमका के पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार को सौंपी गई है। टीम में दुमका के एसडीपीओ दिलीप खलको, पाकुड़ के महेशपुर एसडीपीओ विजय कुमार, काठीकुंड के सर्किल इंस्पेक्टर लोरेन्सिया केरकेट्टा, थाना प्रभारी बलराम कुमार सिंह सहित विभिन्न थानों के प्रभारी और पुलिस पदाधिकारी शामिल हैं। काठीकुंड थाना कांड संख्या 35/2026 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238, 3(5), 70(2) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसआईटी को वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज कर निर्धारित समय पर आरोपपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।

झाड़ियों में मिला था नौवीं की छात्रा का शव
काठीकुंड थाना क्षेत्र के एक गांव में शुक्रवार शाम से लापता नौवीं कक्षा की छात्रा का शव शनिवार को गांव के पास झाड़ियों में मिला था। परिजनों के अनुसार, छात्रा स्कूल से लौटने के बाद बैलों को खोलने खेत गई थी। मवेशी घर लौट आए, लेकिन वह वापस नहीं आई। अगले दिन उसका शव मिलने के बाद शरीर पर जख्म के निशान देखकर परिजनों ने सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई। उपलब्ध विवरण के अनुसार, पोस्टमार्टम के दौरान छात्रा के मुंह से लकड़ी निकाली गई। घटनास्थल के आसपास से छाता और चप्पल मिलने की भी बात सामने आई है। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर होनी है।

दोष सिद्ध होने पर मृत्युदंड तक का प्रावधान,
मामले में दर्ज धाराओं के तहत दोष सिद्ध होने पर कठोर सजा का प्रावधान है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) में हत्या के लिए मृत्युदंड या आजीवन कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। धारा 70(2) सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर मामलों में आजीवन कारावास या मृत्युदंड का प्रावधान करती है, जबकि पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 में भी आजीवन कारावास या मृत्युदंड तक की सजा हो सकती है।

एबीवीपी ने सौंपा ज्ञापन
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की दुमका इकाई ने आयुक्त से मुलाकात कर निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, दोषियों को कठोरतम सजा, पीड़ित परिवार को मुआवजा और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। परिषद ने महिला आयोग को भी ईमेल के माध्यम से ज्ञापन भेजा और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक न्यायालय में कराने की मांग उठाई।

पीड़ित परिवार को कानूनी सहायता और मुआवजा दिलाने की पहल
घटना को लेकर जिले में विरोध-प्रदर्शन और न्याय की मांग के बीच जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दुमका ने ग्राम जितपुर में पीड़ित परिवार को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और नियमानुसार आर्थिक मुआवजा दिलाने की पहल की है। इस दौरान परिवार से आवेदन भी लिया गया। प्राधिकार की ओर से आवश्यक कानूनी सहायता और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया गया। कार्यक्रम में पीएलवी सारा कुमारी, केशव मंडल, उत्तम कुमार दास, प्रेम हांसदा, परमेश्वर मरांडी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।




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