कड़ाके की ठंड में सड़क पर जिंदगी, दुधमुंहे बच्चे के साथ भटक रही महिला
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Jan 22
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हंसडीहा क्षेत्र में जारी शीतलहरी के बीच एक अज्ञात महिला दुधमुंहे बच्चे के साथ पिछले कई दिनों से सड़क पर भटक रही है। महिला की पहचान और उसका पता अब तक नहीं चल सका है। ठंड से बचने के लिए वह कभी हनुमान मंदिर परिसर तो कभी दुकानों के बरामदे को अपना आशियाना बनाकर रात गुजारने को मजबूर है। स्थानीय दुकानदार मानवता के नाते उसे भोजन तो दे रहे हैं, लेकिन ठंड में मासूम बच्चे की सुरक्षा और देखभाल को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।

प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल, मदद को नहीं पहुंचा कोई तंत्र
कड़ाके की ठंड और शीतलहरी के बावजूद अब तक महिला और उसके बच्चे के लिए कोई प्रशासनिक व्यवस्था सामने नहीं आई है। न तो किसी सामाजिक संगठन ने पहल की और न ही सरकारी तंत्र ने उन्हें सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया। महिला खुद अपनी देखभाल नहीं कर पा रही है, ऐसे में नवजात बच्चे की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी—यह बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। महिला और उसका मासूम हर दिन इस उम्मीद में दिन काट रहे हैं कि कोई मददगार सामने आएगा और उनकी जिंदगी में उजाला आएगा।

मानसिक स्थिति संदिग्ध, परिजनों की तलाश और संरक्षण की जरूरत
स्थानीय लोगों के अनुसार महिला मानसिक रूप से अस्थिर प्रतीत होती है और कुछ माह पूर्व ही बच्चे को जन्म दिया है। पिछले कई महीनों से वह हंसडीहा की सड़कों पर भटकती दिखाई दे रही है। पहले लोगों को लगा कि वह आसपास के गांव की होगी, लेकिन जब यह स्पष्ट हुआ कि वह खुले आसमान के नीचे रात गुजार रही है, तब मामले की सूचना मीडिया को दी गई। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन महिला के परिजनों का पता लगाएगा, या उसे और उसके मासूम बच्चे को सुरक्षित आश्रय और इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।





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