15 पहाड़िया लाभुकों ने बिचौलिये पर राशि गबन का लगाया आरोप

पीएम जनमन आवास के लिए करीब 16 लाख रुपये निकासी का दावा,
आवास अधूरे, राशि निकासी का आरोप।
गोपीकांदर पंचायत के खेड़ीबाड़ी गांव में 15 पहाड़िया लाभुकों ने पीएम जनमन आवास योजना की राशि में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया है। लाभुकों का कहना है कि उनके खातों से अलग-अलग किस्तों में राशि की निकासी होने के बावजूद आवासों का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया। कई लाभुक जर्जर सरकारी भवन या रिश्तेदारों के घर में रहने को मजबूर हैं। लाभुकों ने आवास निर्माण की जिम्मेदारी लेने वाले रमेश देहरी पर राशि की निकासी कर निर्माण कार्य पूरा नहीं कराने का आरोप लगाया है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

पहली किस्त में 30 हजार, दूसरी में 80 हजार की निकासी का आरोप।
लाभुकों के अनुसार, 18 अगस्त को उन्होंने बीडीओ विजय प्रकाश मरांडी को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच की मांग की थी। शिकायत के मुताबिक पहली किस्त के 30 हजार रुपये एक सीएसपी से निकाले गए और लाभुकों को कथित तौर पर केवल 500 रुपये दिए गए। इसके बाद दूसरी किस्त के 80 हजार रुपये की भी निकासी कर लाभुक को कथित तौर पर 500 रुपये देने का आरोप लगाया गया है। लाभुकों का कहना है कि अधिकांश आवासों में डीपीसी तक काम कराया गया, जबकि कुछ में छत का काम भी पूरा नहीं हुआ। उन्होंने राशि और निर्माण कार्य का पूरा हिसाब उपलब्ध कराने की मांग की है।

मारपीट और धमकी का भी लगाया आरोप।
लाभुकों ने आरोप लगाया कि आवास निर्माण और राशि के संबंध में सवाल करने पर रमेश देहरी की ओर से उनके साथ मारपीट और धमकी दी गई। लाभुक संघाई देहरी का आरोप है कि धमकी के कारण कई लोग खुलकर शिकायत करने से डर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहाड़िया परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और आवास नहीं होने के कारण कई परिवार रिश्तेदारों के घर रहने को मजबूर हैं। लाभुक कालू गृही ने भी आवास का निर्माण पूरा कराने की मांग की है।

करीब 16 लाख रुपये की निकासी का दावा।
लाभुकों का आरोप है कि 15 लाभुकों के खातों से अलग-अलग किस्तों में करीब 16 लाख रुपये की निकासी की गई, जबकि 5 लाख रुपये से भी कम राशि का निर्माण कार्य कराया गया। लाभुकों ने पूरी राशि की जांच, अधूरे आवासों को पूर्ण कराने और कथित अनियमितता के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। मामले को लेकर पूर्व में भी शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। स्थानीय स्तर पर आवास योजनाओं की निगरानी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

जांच के बाद कार्रवाई और राशि रिकवरी की बात।
बीडीओ विजय प्रकाश मरांडी ने बताया कि आवासों की भौतिक स्थिति की जांच की गई है और जिस अनुपात में राशि की निकासी हुई है, उसके अनुरूप कार्य नहीं हुआ है। मामले में जांच चल रही है और पंचायत सचिव से रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा कथित तौर पर गबन की गई सरकारी राशि की रिकवरी भी कराई जाएगी। फिलहाल 15 पहाड़िया परिवारों की निगाहें जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।





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