मोबाईल नहीं मिलने से नाराज बालक ने फाँसी लगाकर दे दी जान
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Sep 12, 2025
- 2 min read

दुमका के सरैयाहाट थाना क्षेत्र के माथाकेशो गांव में हुई घटना
दुमका। सरैयाहाट थाना अन्तर्गत माथाकेशो गांव में मोबाईल नहीं मिलने से नाराज 12 वर्षीय बालक सुभाष हाजरा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। यह घटना गुरुवार की है। घटना के वक्त परिवार के सदस्य घर पर नहीं थे। अध्ययनों में पाया गया है कि मोबाइल छीन लेने या नहीं देने पर अलग-अलग उम्र के बच्चों की अलग प्रतिक्रिया होती है। 2 से 5 वर्ष तक के बच्चे रोने-घोने से लेकर आक्रामक व्यवहार दिखलो हैं। 6 से 12 वर्ष तक के बच्चे की प्रतिक्रया अधिक आक्रामक होती है। जबकि टीन एजर्स यानि 13 से 18 उम्र के बालक मोबाईल छीन लेने या नहीं देने पर अपनी जान दे सकते हैं या दूसरे की हत्या तक कर सकते हैं। 12 वर्ष के बालक के द्वारा मोबाईल नहीं मिलने पर उठाया गया आत्मघाती कदम मनोवैज्ञानिकों के लिए भी रिसर्च का विषय है।

पांच बहन व दो भाईयों में सबसे छोटा था सुभाष हाजरा
दुमका। जानकारी के अनुसार सुभाष हाजरा पांच बहन और दो भाईयों में सबसे छोटा था। उसके चार बहनों की शादी हो चुकी है। बड़ा भाई अपने पिता के साथ दैनिक मजदूरी करने चेन्नई गया है। घर में वह अपनी एक बहन और माँ के साथ रह रहा था।

मांगने पर बहन ने छोटे भाई को नहीं दी मोबाइल
दुमका। सुभाष हाजरा सुबह में स्कूल गया था। एक घंटे के बाद ही वह स्कूल से वापस घर आ गया। सुभाष ने अपनी बहन से मोबाइल मांगा, पर बहन ने देने से इंकार कर दिया और मोबाइल लेकर कहीं चली गई। उस समय घर पर बालक की मां भी नहीं थी।

बहन के दुपट्टे से घर में रोले में फांसी लगा ली
दुमका। सुभाष हाजरा घर पर वह अकेला था। उसने बहन के दुपट्टे के सहारे खपरैल के बने घर में रोले से फांसी का फंदा लगाया और खुदकुशी कर ली। घर में जब माँ लौटी तो यह देख दंग रह गई। माँ के होश उड़ गए। उसने शोर मचा कर आसपास के लोगों को बुलायी। आसपास के लोगों ने पलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंच को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दुमका पीजेएमसीएच भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।





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