top of page

बेहतर समन्वय और नए प्रयोगों से सफल हुआ मेला: डीसी

दुमका। बाबा बासुकीनाथ की नगरी में एक माह तक आस्था, सेवा और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव-2026 का सफलतापूर्वक समापन हो गया। 30 जुलाई से शुरू हुए मेले में जिला प्रशासन की व्यापक तैयारियों, विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों के कारण आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने समापन समारोह में कहा कि यह पहला वर्ष है, जब राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव जीरो कैजुअल्टी के साथ बेहतर ढंग से संपन्न हुआ है। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा कि इस वर्ष मेला व्यवस्था में कई नए और तकनीक आधारित प्रयोग किए गए। लाखों श्रद्धालुओं को सुगमतापूर्वक जलार्पण कराना बेहतर व्यवस्था और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम है। उन्होंने मेला के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले वरीय पदाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, एनडीआरएफ, अन्य संबंधित विभागों, स्थानीय लोगों और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के अनुभवों और सुझावों को ध्यान में रखते हुए आने वाले वर्षों में मेला व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा।

46,95,605 श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण

बासुकीनाथ। मेला अवधि के दौरान कुल 46,95,605 श्रद्धालुओं ने बाबा बासुकीनाथ का जलार्पण किया। वहीं 1,07,318 श्रद्धालुओं ने शीघ्र दर्शनम के माध्यम से बाबा का दर्शन किया, जबकि 18,036 डाक बम श्रद्धालुओं ने बाबा पर जल अर्पित किया। पूर्व राज्यसभा सांसद अभय कांत प्रसाद ने कहा कि देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जिला प्रशासन ने बेहतर व्यवस्था की, जिससे बड़ी संख्या में लोगों ने सुगमतापूर्वक जलार्पण किया। जिला परिषद उपाध्यक्ष सुधीर मंडल ने उपायुक्त के नेतृत्व में मेला व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालु बेहतर अनुभव और अच्छा संदेश लेकर लौटे हैं।

सुरक्षा, स्वास्थ्य और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था (खबर के साथ बाक्स)

लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन की व्यापक व्यवस्था की गई थी। स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमों और स्वास्थ्य शिविरों को लगातार सक्रिय रखा गया, जबकि शिवगंगा में एनडीआरएफ की टीम तैनात रही। विद्युत आपूर्ति की सतत निगरानी के साथ स्वच्छता, पेयजल, आवासन, यातायात प्रबंधन और सूचना सहायता की व्यवस्था भी पूरे मेला अवधि में सक्रिय रही। नगर पंचायत बासुकीनाथ की अध्यक्ष वीणा देवी ने मेला के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी विभागों और कर्मियों के प्रति आभार जताया, जबकि स्वागत संबोधन में अनुमंडल पदाधिकारी कौशल कुमार ने सभी विभागों के सामूहिक प्रयास को मेला की सफलता का आधार बताया।

21,763 बिछड़े श्रद्धालुओं को परिजनों से मिलाया

बासुकीनाथ। मेला अवधि के दौरान श्रद्धालुओं के परिजनों से बिछड़ने की स्थिति में सूचना सहायता कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सूचना सहायता व्यवस्था के माध्यम से 21,763 बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाया गया। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए आवासन की व्यवस्था के साथ मेला क्षेत्र में आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न सूचना माध्यमों का उपयोग किया गया। इस वर्ष तकनीक आधारित नई व्यवस्थाओं को भी मेला प्रबंधन में शामिल किया गया, जिनका उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने के साथ भीड़ प्रबंधन और सूचना तंत्र को अधिक प्रभावी बनाना रहा।

मंदिर न्यास समिति को हुई 6,04,92,417 रुपये की आय

मेला अवधि में बाबा बासुकीनाथ मंदिर की विभिन्न स्रोतों से कुल दर्ज आय 6,04,92,417 रुपये रही। इसमें शीघ्र दर्शनम के 1,07,318 कूपन से 5,36,59,000 रुपये, दान पेटी से 42,69,190 रुपये, अन्य स्रोतों से 2,92,972 रुपये और गोलक से 22,69,505 रुपये प्राप्त हुए। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने 8,159 ग्राम चांदी और 15 ग्राम सोना भी अर्पित किया। समापन समारोह में पूरे मेला अवधि के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों को सम्मानित किया गया। जिला प्रशासन ने इसे सामूहिक प्रयासों और बेहतर समन्वय से सफलतापूर्वक संपन्न हुए अब तक के महत्वपूर्ण श्रावणी मेला आयोजनों में से एक बताया।


 
 
 

Comments


Post: Blog2 Post

Address

Shiv Sundari Road, Dumka, Jharkhand 814101

Contact

+917717793803

Follow

  • Facebook
  • YouTube
  • Twitter

©2021 by Santhal Pargana Khabar. All Rights Reserved

bottom of page