पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष अमिता रक्षित व मेरी मार्गेट टुडू ने भी बकरी पालन में किया था लाखों रूपये का निवेश
- SANTHAL PARGANA KHABAR
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असिस्टेंट प्रोफेसर भाजपा नेत्री डा अंजुला मुर्मू ने दर्ज करवाया है 1.37 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी
दुमका। एक असिस्टेंट प्रोफेसर से 1 करोड़ 37 लाख 38 हजार 400 रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में महिला प्रोफेसर डॉ. अंजुला मुर्मू ने दुमका विश्वविद्यालय थाना में आवेदन देकर करीब 1.37 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी समेत अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष अमिता रक्षित और डॉ. मैरी मार्गरेट टुडू समेत दो दर्जन से अधिक महिलाओं ने भी कथित बकरी पालन योजना में लाखों रुपये का निवेश किया था। शिकायत के अनुसार शुरुआत में कुछ लोगों ने निवेश किया और बाद में अन्य लोगों को भी योजना से जोड़ा गया। आरोप है कि निवेश की गई राशि वापस नहीं की गई। शिकायत में मूलधन एवं लाभ सहित कुल 1 करोड़ 37 लाख 38 हजार 400 रुपये की राशि हड़पने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में नामजद आरोपितों के रूप में विनोद कुमार सिंह, अभिषेक सिंह, सुमति सेन, रेखा सेन, रीता मुर्मू, रंजीत शर्मा उर्फ रोशन, मनीष कुमार सिंह, विवेक कुमार समेत अन्य लोगों का उल्लेख है। पुलिस मामले की जांच करते हुए आरोपितों की भूमिका और निवेश के नाम पर हुए राशि के लेनदेन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।

बकरी पालन परियोजना में निवेश का दिया गया झांसा
दुमका। डॉ. अंजुला मुर्मू ने रियल वर्ल्ड एसेट्स नामक कंपनी की कथित बकरी पालन परियोजना में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाते हुए थाना प्रभारी को प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है। आवेदन के अनुसार दिसंबर 2025 में विनोद कुमार सिंह, रंजीत शर्मा उर्फ रोशन, मनीष कुमार सिंह एवं विवेक कुमार ने उनके आवास पर निवेश योजना का प्रस्ताव रखा था। आरोप है कि निवेशकों को प्रतिदिन 0.5 प्रतिशत और 0.75 प्रतिशत रिटर्न तथा निर्धारित अवधि में मूलधन दोगुना करने का भरोसा दिलाया गया था। योजना में 1,000 रुपये से लेकर 15,00,000 रुपये तक निवेश के पैकेज बताए गए थे।

कई लोगों से रकम जमा कराने का आरोप
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि शुरुआती दौर में विनोद कुमार सिंह और रंजीत शर्मा उर्फ रोशन ने विभिन्न बैठकों के माध्यम से आवेदिका एवं अन्य लोगों को योजना में निवेश के लिए प्रेरित किया। इसके बाद विलियम जैकब, सुष्मिता सोरेन एवं रीता भी कथित रूप से इस गतिविधि से जुड़े। आरोप है कि आवेदिका की सामाजिक छवि और उनके नाम का इस्तेमाल कर आदिवासी समाज के कई लोगों को निवेश योजना से जोड़ा गया तथा कथित दस्तावेज एवं ऑनलाइन मंच दिखाकर उनसे रकम जमा कराई गई।

13 अगस्त को बंद हुआ ऑनलाइन मंच
आवेदन के अनुसार 13 अगस्त 2026 को निवेश योजना का ऑनलाइन मंच अचानक बंद हो गया। इसके बाद मुख्य आरोपी बताए गए विनोद कुमार सिंह का मोबाइल भी बंद हो गया और वह कथित रूप से फरार हो गया। निवेशकों के पैसे फंसने के बाद मामले में विवाद बढ़ गया। आवेदिका ने पूरे लेन-देन की जांच कराने और निवेशकों से प्राप्त रकम के वास्तविक लाभार्थियों का पता लगाने की मांग की है।

पत्रकार बताकर ब्लैकमेलिंग का आरोप
आवेदिका का आरोप है कि ऑनलाइन मंच बंद होने के बाद विलियम जैकब ने स्वयं को पत्रकार बताते हुए ‘आरडब्ल्यूए-पब्लिक ग्रुप’ नाम से व्हाट्सऐप समूह बनाया। समूह में कथित रूप से 32 सदस्य हैं। आवेदन के अनुसार इस समूह में डॉ. अंजुला मुर्मू को कंपनी की निदेशक और सुमित नायक को सिस्टम ऑपरेटर बताते हुए उनके खिलाफ आरोप लगाए जा रहे हैं। आवेदिका का कहना है कि दोनों स्वयं इस निवेश योजना के पीड़ित एवं निवेशक हैं और उनका पैसा भी फंसा हुआ है।

60 लाख रुपये मांगने का लगाया आरोप
आवेदन में गंभीर आरोप लगाया गया है कि कथित फर्जी ईमेल और आरोपों का सहारा लेकर विलियम जैकब, सुष्मिता सोरेन एवं रीता ने डॉ. अंजुला मुर्मू और सुमित नायक को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। आवेदिका के अनुसार 22 अगस्त 2026 को सुष्मिता सोरेन के घर पर उनकी टीम के लिए 60 लाख रुपये की मांग की गई। आवेदन में इस गतिविधि को मुख्य आरोपी विनोद कुमार सिंह के साथ कथित आपराधिक साजिश का हिस्सा बताया गया है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

डिजिटल साक्ष्यों की जांच और गिरफ्तारी की मांग
डॉ. अंजुला मुर्मू ने पुलिस से संबंधित मोबाइल नंबरों, व्हाट्सऐप चैट, कथित फर्जी ईमेल, ऑडियो रिकॉर्डिंग, फेसबुक खाते, यूपीआई खातों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। आवेदन में आरोपियों के बैंक एवं यूपीआई खातों की जांच कर आवश्यकतानुसार फ्रीज करने, फरार बताए गए विनोद कुमार सिंह को गिरफ्तार करने तथा निवेशकों की रकम की बरामदगी के लिए कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। आवेदन के साथ व्हाट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट, कथित ईमेल से संबंधित रिकॉर्डिंग, फर्जी सोशल मीडिया खाते तथा निवेशकों की शिकायतों को संलग्न किए जाने की बात कही गई है।

निवेशकों/पीड़ितों/ठगे गये लोगों की सूची
1. डॉ. अंजुला मुर्मू - 17,05,000 रुपये
2. सुमित नायक - 3,50,000 रुपये
3. कोर्नेलियो मरांडी - 6,00,000 रुपये
4. डॉ. अमिता रक्षित - 6,10,000 रुपये- 2,28,000 रुपये = 3,37,000 रुपये
5. अनास्तासिया मुर्मू - 3,50,000 रुपये
6. डॉ. मिनी टुडू - 6,00,000 रुपये
7. जेम्स राजेश मुर्मू - 60,000 रुपये
8. प्रियंका स्वीटी हंासदा - 14,00,000 रुपये
9. निरुलता बेसरा - 19,00,000 रुपये
10. नवल किस्कू - 3,53,000 रुपये।
11. लीना जयंता मुर्मू - 10,000 रुपये
12. डॉ. मैरी मार्गरेट टुडू - 9,20,000 रुपये
13. जॉन बेसरा - 2,80,000 रुपये
14 दुलाली मुर्मू - 2,27,000 रुपये
15. मरयनिला सोरेन - 20,000 रुपये
16. सीसिला मुर्मू - 1,10,000 रुपये-7,000 रुपये = 1,03,000 रुपये
17. सुनीला हांसदा - 30,000 रुपये
18. इग्निशिया मुर्मू - 7,00,000 रुपये
19. गीता मरांडी - 1,90,000 रुपये
20. मिनू मोनिका हेम्ब्रम - 1,90,000 रुपये
21. नयंतारा - 2,70,000 रुपये
22. ज्योतिष हेम्ब्रम - 70,000 रुपये
23. बिनू मरांडी - 32,400 रुपये
24. पीटू हांसदा - 36,000 रुपये
25. सुसाना सोरेन - 15,000 रुपये
26. साहिना सोरेन - 20,000 रुपये
27. दीपक टुडू - 10,000 रुपये
28. प्रमोदिनी सोरेन - 18,000 रुपये
29. आराध्या - 20,000 रुपये
30. स्नेहलता - 30,000 रुपये
31. रीनी गोस्वामी - 20,000 रुपये
32. नमिता - 1,70,000 रुपये
33. सुरज - 10,000 रुपये
34. सुमिते - 3,40,000 रुपये (विलियम जैकब)
35. सुस्मिता एवं श्याम (विविध) - 3,00,000 रुपये
कुल राशि - 1,37,38,400 रुपये




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