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जल-जंगल-जमीन के नारों से गूंजा दुमका का गांधी मैदान,

दुमका के गांधी मैदान में आयोजित झारखंड मुक्ति मोर्चा के 47वें झारखंड दिवस समारोह में जल-जंगल-जमीन के नारों के बीच बड़ा जनसमूह जुटा, जहां नेताओं ने दिशोम गुरू शिबू सोरेन की विचारधारा को आंदोलन की आत्मा बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक बसंत सोरेन ने की। मंच से वक्ताओं ने कहा कि गुरूजी ने आदिवासी समाज को अधिकारों के लिए संघर्ष करना और सत्ता से आंख में आंख डालकर बात करना सिखाया। उनकी अनुपस्थिति के बावजूद भारी भीड़ जुटना उनकी विरासत और संगठन की जमीनी पकड़ का प्रमाण बताया गया।

हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर जोर, योजनाएं गांव-गांव पहुंचाने का दावा

नेताओं ने कहा कि वर्तमान राज्य नेतृत्व गुरूजी की सोच को आगे बढ़ा रहा है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। जामा विधायक डा. लुईस मरांडी ने कहा कि गुरूजी ने जल-जंगल-जमीन का अधिकार समझाया और आज वही सोच सरकार की नीतियों में दिख रही है। वक्ताओं ने दावा किया कि शिक्षा, सिंचाई, रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं का असर गांव स्तर तक दिख रहा है।

“सभी आदिवासियों के नेता” बताकर हेमंत सोरेन की सराहना, भीड़ को जनसमर्थन का प्रमाण बताया

लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू ने मुख्यमंत्री को मजबूत और सर्वोत्तम नेतृत्व बताते हुए कहा कि गांधी मैदान की भीड़ जनता के भरोसे का संकेत है। उन्होंने कहा कि गुरूजी की सोच ने ही आंदोलन को ताकत दी और आज भी वही ऊर्जा कार्यकर्ताओं में दिखती है। मंच से कहा गया कि झारखंड की राजनीति में आदिवासी अस्मिता और अधिकार की लड़ाई जारी रहेगी।

एसआईआर, सामाजिक एकता और विपक्ष पर हमलावर रहे वक्ता

सांसद विजय हांसदा ने कार्यकर्ताओं से एसआईआर को लेकर जागरूक रहने की अपील की। मंत्री हफीजुल हसन ने आदिवासी-अल्पसंख्यक एकता पर जोर देते हुए कहा कि विभाजन की राजनीति से सावधान रहने की जरूरत है। नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर नजर रखे हुए है और जनता के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश हो रही है।

गुरूजी के सपनों का झारखंड बनाने का संकल्प, सिंचाई-रोजगार योजनाओं का उल्लेख

मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो और सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि गुरूजी भले शारीरिक रूप से मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी विचारधारा झारखंड के नव निर्माण की आधारशिला है। टुंडी विधायक मथुरा महतो ने केंद्र के बजट की आलोचना करते हुए राज्य सरकार की बहाली और योजनाओं का जिक्र किया। सांसद नलिन सोरेन ने कहा कि अलग झारखंड राज्य गुरूजी के आंदोलन का परिणाम है और उनके “हर खेत को पानी” के सपने को मेगा लिफ्ट इरिगेशन जैसी योजनाओं से पूरा किया जा रहा है, साथ ही युवाओं को शिक्षा और रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।


 
 
 

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