चंगाई सभा के विरोध में पूर्व सांसद के नेतृत्व में जामा में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

चंगाई सभा के विरोध में सड़क पर उतरे ग्रामीण।
जामा प्रखंड की लगला पंचायत के तरबंधा गांव में सोमवार को प्रस्तावित चंगाई सभा के विरोध में ग्रामीणों और आदिवासी समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण बैनर-पोस्टर लेकर सड़क पर उतरे और नारेबाजी करते हुए प्रस्तावित कार्यक्रम का विरोध जताया। प्रदर्शन में पूर्व सांसद सुनील सोरेन, भाजपा नेता विमल मरांडी, दर्शन हेम्ब्रम, राजेंद्र हेम्ब्रम, रामलाल हांसदा, शिवधन सोरेन, चंदर टुडू सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

तेल-पानी से बीमारी ठीक होने के दावे पर सवाल।
पूर्व सांसद सुनील सोरेन ने कहा कि यदि तेल और पानी से रोग ठीक हो सकता है तो मिशनरी अस्पतालों को बंद कर देना चाहिए और सरकार को उन्हें सदर अस्पताल में जगह दे देनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चंगाई सभा में तेल और पानी पढ़कर लोगों का इलाज करने का दावा कर अंधविश्वास को बढ़ावा दिया जाता है और इसके माध्यम से धर्मांतरण कराया जाता है। उन्होंने कहा कि चंगाई सभा के विरोध की शुरुआत जामा से हुई है और पूरे संथाल परगना में ऐसे आयोजनों का विरोध किया जाएगा।

अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से की बातचीत।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. विवेक किशोर और थाना प्रभारी अजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और नेताओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा सभी से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्तियां रखते हुए प्रस्तावित कार्यक्रम पर कार्रवाई की मांग की।

23 से 25 सितंबर तक प्रस्तावित सभा की अनुमति नहीं देने की मांग।
प्रदर्शनकारियों ने बीडीओ को सामूहिक ज्ञापन सौंपकर 23 से 25 सितंबर तक प्रस्तावित चंगाई सभा के आयोजन की अनुमति नहीं देने की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने कार्यक्रम को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करायी और प्रशासन से नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त।
अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को मामले में नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति शांतिपूर्ण रही।





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