बरी होंगे या श्रम मंत्री संजय यादव को होगी सजा
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Jul 16, 2025
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आचार संहिता मामले में एमपी एमएलए कोर्ट 17 जुलाई को सुनायेगी फैसला
श्रम मंत्री संजय यादव सहित तीन नेता पर एक दशक से चल रहा मामला
दुमका। निर्वाचन के आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के 11 साल पुराने मामले में दुमका के एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायधीश एसडीजेएम मोहित चौधरी 17 जुलाई को अपना फैसला सुनाएंगे। श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव सहित तीन लोगों के खिलाफ चले मामले में 16 जुलाई को एमपी एमएलए विशेष न्यायाधीश के न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी चंपा कुमारी और बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता धर्मेन्द्र नारायण प्रसाद ने बहस किया।

हो सकती है 6 माह की सजा और जुर्माना
एसडीजेएम मोहित चौधरी ने एपीपी चंपा कुमारी से पूछा कि यह केस प्रुव हुआ है या नहीं। किस धारा के तहत प्रुव हुआ है और उसमें क्या सजा है। एपीपी चंपा कुमारी ने कहा कि जिस धारा के तहत यह केस प्रुव हुआ है उसमें छह माह की सजा और एक हजार रुपया जुर्माना का प्रावधान है। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात इस केस को जजमेंट के लिए 17 जुलाई की तिथि निर्धारित किया है। यहां बता दें कि इस केस में अभियोजन पक्ष ने सात गवाहों को प्रस्तुत किया है।

2014 के विधान सभा चुनाव में दर्ज हुआ था मामला
यह मामला गोड्डा जिला के पथरगामा थाना में 09 दिसम्बर 2014 में विधानसभा चुनाव के दौरान दर्ज किया गया था। गोड्डा के पथरगामा थाना में तत्कालीन बीडीओ पायल राज के लिखित आवेदन पर कांड संख्या 144/2014 के तहत दर्ज करवाया था। यह मामला रिप्रेजेंटेटिव ऑफ पीपुल एक्ट की धारा 123, 133 और डिफेमेशन ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट की धारा 3 के तहत दर्ज किया गया था। इसमें राजद प्रत्याशी संजय यादव, भाजपा प्रत्याशी रघुनंदन मंडल, जेवीएम प्रत्याशी संजीव आनंद एवं झामुमों प्रत्याशी राजेश साह के खिलाफ सरकारी जगह पर कार्यालय खोलने एवं पार्टी कार्यालय एवं झंडा-पोस्टर लगाने का आरोप है। आरोपियों में से भाजपा प्रत्याशी रघुनंदन मंडल का निधन हो चुका है। अब इस केस में तीन ही आरोपी हैं।




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