बासुकीनाथ पहुंचे दो कांवरियों की हुई मौत, दर्जनभर हुए बेहोश
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Jul 28, 2025
- 3 min read

महिला डाक कांवरिया की इलाज के दौरान दुमका में हुई मौत
बरारी घाट से जल उठाकर हजारों की संख्या में पहुंचे कांवरिया
दुमका। सावन माह की तीसरी सोमवारी को फौजदारीनाथ पर जलार्पण करने के लिए बासुकीनाथ आये दो कांवरियों की मौत हो गयी है जबकि दो दर्जन डाक कांवरिया बेहोश हो गये हैं। इनमें से तीन को इलाज के लिए भर्ती किया गया है। एक महिला कांवरिया की जहां इलाज के दौरान दुमका के फुलो झानो मेडिकल कालेज अस्पताल में मौत हो गयी है वहीं सड़क हादसे में नेपाल के एक पुरूष कांवरिया की मौत हो गयी है।

तीसरी सोमवारी को 11713 डाक बमों को हंसडीहा में दिया गया टोकन
सावन का पावन महीना शिव उपासना के लिए बेहद खास माना जाता है। सावन माह में प्रतिदिन लाखों शिव भक्त देवघर के बाबा बैद्यनाथ और दुमका के बाबा बासुकीनाथ धाम पहुंच कर जलार्पण करते है। सावन के प्रत्येक सोमवार को बासुकीनाथ पहुंचनेवाले डाक कांवरियों की भी बड़ी संख्या होती है। यह कांवरिया भागलपुर के बरारी घाट से जल उठाकर हंसडीहा और नोनीहाट के रास्ते वासुकिनाथ पहुंचते हैं और जलापर्ण में इन्हें प्राथमिकता दी जाती है। तीसरी सोमवारी को 11713 डाक बमों को बासुकीनाथ में जलाभिषेक के लिए हंसडीहा में टोकन दिया गया। सामान्य कांवरियों को जहां वासुकिनाथ में कतार व्यवस्था के तहत हाथी द्वार से प्रवेश करवाया जाता है वहीं डाक कांवरियों को सोमवार को कूपन दिखाने पर सिंह द्वार (निकास द्वार) से प्रवेश दिया जाता है। इन कांवरियों को डाक बम के रूप में जाना जाता है और जल उठाने के 24 घंटे के अंदर जलार्पण करना होता है। ऐसे में तीसरे सोमवार को हजारों की संख्या में बासुकीनाथ पहुंचे डाक कांवरियों में से दो दर्जन से अधिक बेहोश हो गये जिनमें से तीन को जरमुण्डी सीएचसी में भर्ती करवाया गया। एक महिला डाक कांवरिया की तबीयत बिगड़ी तो उसे बेहतर इलाज के लिए दुमका के पीजेएमजी अस्पताल भेजा गया।

मार्च में हुई थी शादी, पिछले साल भी डाक बम के रूप में किया था जलापर्ण
सावन की तीसरी सोमवारी को बासुकीनाथ में जलार्पण के बाद एक महिला डाक बम की तबियत बिगड़ी और दुमका के पीजेएमसीएच में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। जानकारी के अनुसार दुमका जिला के रामगढ़ प्रखंड के पहाड़पुर गांव की रहने वाली सुनीता देवी गांव के अन्य लोगों के साथ रविवार को बरारी गंगा घाट से जल भर कर डाक बम के रूप मे सोमवार को बासुकीनाथ धाम पहुंची थीं। पर बासुकीनाथ पहुंचने पर उसकी तबियत बिगड़ गई। जलार्पण के बाद परिजन उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जरमुंडी पहुंचाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि मार्च 2025 में उसकी शादी हुई थी। पिछले वर्ष भी वह डाक बम के रूप में बासुकीनाथ धाम में जलार्पण की थी। इस घटना से परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराने से का लिखित आवेदन थाना को दिया जिसके बाद कागजी प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया।
सड़क दुर्घटना में मृत कांवरिया नेपाल का रहनेवाला
वहीं अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक पुरूष कांवरिया की मौत हो गई। घटना बासुकीनाथ धाम में 27 जुलाई की शाम की है। गंभीर स्थिति में उसे 27 जुलाई की रात में ही दुमका के फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के पैकेट में देवघर अस्पताल का एक पर्चा मिला जिसमें उसका नाम गोपाल बास्की और पता के रूप में नेपाल लिखा हुआ पाया गया है। इसके आधार पर अंदाजा लगाया जा रहा है कि मृतक नेपाल का रहने वाला है। पोस्टमार्टम के बाद उसके शव को सुरक्षित रख दिया गया है।








Comments