अपहरण मामले के जांच के दौरान पुलिस को मिला विष्फोटक का जखीरा,मुख्य सरगना फरार



शिकारीपाड़ा से पुलिस ने भारी मात्रा में विस्फोटक किया बरामद

500 केजी अमोनियम नाइट्रेट, 157 पीस जिलेटिन छड़ें व 4500 डेटोनेटर जप्त


शिकारीपाड़ा/निज संवाददाता। दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के शहरबेड़ा गांव की रागदा बेसरा घर में छापामारी कर पुलिस ने भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ बरामद किया है। बरामद विष्फोटक सामग्रियों में 500 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट (10 पैकेट), 157 पीस जिलेटिन की छड़े और 4500 इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर शामिल है। पुलिस के द्वारा इतनी भारी मात्रा में तबाही का सामान बरामद किए जाने से सनसनी फैल गयी है। एसपी अंबर लकड़ा मामले की गंभीरता को देखते हुए खुद शिकारीपाड़ा पहुंचे। एसपी अंबर लकड़ा ने बताया कि 9 अगस्त को शिकारीपाड़ा थाना में अपहरण का एक मामला दर्ज किया गया था जिसमें अफजल अंसारी, मिस्टर अंसारी, मोहम्मद अली और मिलन मिर्धा को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए अपहृत व्यक्ति को छुड़ाया था और अफज़ल अंसारी, उसके भाई मिस्टर अंसारी और मोहम्मद अली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में जब पुलिस ने नए सिरे से इस मामले की तहकीकात शुरू की तो पता चला कि अफजल और मिस्टर अंसारी दोनों के द्वारा विस्फोटक पदार्थों का अवैध व्यवसाय और संग्रहण किया जाता है। जांच के बाद पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के शहरबेड़ा गांव के रागदा बेसरा के घर में छापेमारी की जहां से इन विस्फोटक सामानों को बरामद किया । इस मामले में मिलन मिर्धा का भी नाम आया है। एसपी लकड़ा ने बताया कि इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक सामाग्रीओं का मिलना पुलिस की बड़ी कामयाबी है। उन्होंने कहा कि इस मामले के दो आरोपी हैं। वह पहले से अपहरण के एक मामले में जेल भेजे जा चुके हैं। एसपी ने कहा कि शिकारीपाड़ा का यह इलाका स्टोन माइनिंग का क्षेत्र है जहाँ अवैध तरीके से विस्फोटक को खपाया जाता है लेकिन पुलिस सतर्क है और इस तरह के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन विष्फोटकों का नक्सलियों द्वारा इस्तेमाल करने के लिए मंगवाये जाने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि इस मामले में फरार चल रहे बीरभूम जिला के मिलन मिर्धा को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जायेगा।




88 views0 comments