दुमका में बस एजेंट अरुण सिंह को सरेआम मारी गोली, डीआईजी कार्यालय के सामने हुई घटना
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- 2 days ago
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सुबह 6 बजे बाइक सवार बदमाशों ने मारी गोली, हालत गंभीर, दुर्गापुर मिशन अस्पताल में भर्ती
दुमका। नगर थाना क्षेत्र स्थित डीआईजी कार्यालय के समीप मंगलवार सुबह करीब 6 से 6ः15 बजे के बीच संताल परगना मोटर मजदूर संघ के प्रमंडलीय अध्यक्ष एवं प्रभात खबर के एजेंट (शिवपुरी न्यूज एजेंसी के प्रोपराइटर) अरुण सिंह पर बाइक सवार दो अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अरुण सिंह गिलानपाड़ा स्थित अपने घर से बस स्टैंड की ओर जा रहे थे और बस स्टैंड पहुंचने से करीब 50 मीटर पहले हमलावरों ने पीछे से आकर दो राउंड गोली चलाई, जिसमें एक गोली उनकी पीठ में लगी और वह बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े। वह जोर से चिल्लाये ‘‘ गोली मार दिया रे’’ आसपास के लोगों के पहुंचने से पहले ही हमलावर फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल अरुण सिंह को तत्काल फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया। घटना को अंजाम देकर अपराधी मौके से फरार हो गए, जिससे शहर में सनसनी फैल गई।

सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस, एसपी ने जल्द गिरफ्तारी का किया दावा
दुमका। घटना की सूचना मिलते ही एसपी पीतांबर सिंह खेरवार दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी गई। हमलावरों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस हमले के कारणों और इसके पीछे शामिल लोगों की तलाश में जुटी है। शहर के बीचोंबीच हुई इस वारदात से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, हालांकि एसपी ने दावा किया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

गंभीर हालत में दुर्गापुर में भर्ती, पर खतरे से बाहर
दुमका। स्थानीय लोगों और बस स्टैंड स्थित उनके काउंटर के कर्मियों ने उन्हें तत्काल फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए दुर्गापुर रेफर किया गया। परिजन व सहकर्मी उन्हें एंबुलेंस से दुर्गापुर ले गए, जहां इलाज के बाद उन्हें खतरे से बाहर बताया गया है। घटना की सूचना मिलते ही एसपी पीतांबर सिंह खेरवार, डीएसपी इकुड डुंगडुंग, एसडीपीओ विजय कुमार महतो सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए हैं।

दो बार पहले भी हो चुका है अरूण सिंह पर जानलेवा हमला
दुमका। संताल परगना मोटर मजदूर संघ के अध्यक्ष अरूण सिंह पर तीसरी बार जानलेवा हमला हुआ है। 1999 में गाड़ी के टायमिंग को लेकर दो एजेंटों के बीच हुए विवाद और मारपीट के दौरान उन्हें दुमका बस स्टैण्ड में ही गोली मार दी गयी थी पर वह बच गये। दूसरी बार दो वर्ष पहले 21 अप्रैल 2024 को भी कोर्ट से बस स्टैंड जानेवाले रोड पर इसी स्थान पर उनपर जानलेवा हमला हुआ था। उस समय हमलावर गोली नहीं चला पाया था क्योंकि अरूणसिंह ने उसका हाथ पकड़ लिया था और ट्रिगर में उंगली घुसा दी थी जिस कारण वह फायर नहीं कर सका। अरुण सिंह मोटर मजदूर संघ के अध्यक्ष होने के साथ-साथ अखबार की एजेंसी भी चलाते हैं. इसलिए वे सुबह-सुबह बस स्टैंड पहुंचा करते हैं। मंगलवार की सुबह उन्हें गोली लगने की सूचना एक वेंडर ने ही बस स्टैंड में उनके शिवपुरी काउंटर में दी, जिसके बाद वहां से लोग भागते हुए पहुंचे और एक वाहन से उठाकर अस्पताल ले गये। अस्पताल में इमरजेंसी में डॉक्टर के देर से पहुंचने पर लोगों में गुस्सा भी दिखा। हालांकि बाद में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रेफर कर दिया गया।

दो जिंदा कारतूस व एक खोखा बरामद
दुमका। डाक्टरों के मुताबिक अरूण सिंह को पीठ में गोली लगी है और गोली शरीर को आर-पार करते हुए बाहर निकल गयी है। घटनास्थल से स्थानीय लोगों ने दो जिंदा कारतूस व एक खोखा बरामद कर पुलिस को सुपुर्द कर दिया है। गोली अरूण सिंह को बहुत नजदीक से मारी गयी थी इसलिए वह पीठ से होते हुए सामने से आरपार हो गयी। अरूण सिंह हमले के बाद बाइक से चंद मीटर आगे बढ़ने के बाद गिर पड़े, जिसके बाद हमलावर भाग निकले और कंट्रोल रूम के सामने से पोस्टआफिस की ओर चले गये। कंट्रोल रूम के पास गाड़ी धो रहे एक युवक द्वारा पानी फेंके जाने पर अपराधियों ने जाते-जाते गाली गलौज भी किया था। इस शख्स ने भी पुलिस को अपराधियों का हुलिया, मोटरसाइकिल का रंग, हाथ में बने टैटू व बाइक में लगे स्टिकर आदि की जानकारी दी।

हमले के विरोध में उबाल, 24 घंटे में गिरफ्तारी की चेतावनी
दुमका। डीआईजी कार्यालय के सामने बस एजेंट अरुण सिंह को गोली मारने की घटना के विरोध में मंगलवार दोपहर दुमका बस स्टैंड परिसर में मोटर मजदूर संघ, मालिक समिति और दुकानदार समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित लोगों ने हमले को सुनियोजित अपराध बताते हुए प्रशासन के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त किया और चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा तथा शहर की गतिविधियां ठप कर दी जाएंगी। वक्ताओं ने कहा कि अपराध पर तत्काल कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में सड़क पर उतरकर व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा। फिलहाल शहरवासी प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं और घटना को लेकर पूरे शहर में चर्चा का माहौल है।

डीआईजी कार्यालय के सामने गोलीकांड से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, 12 घंटे बाद भी गिरफ्तारी नहीं
दुमका। जिस स्थान पर पुलिस कंट्रोल रूम, बैंक, कोर्ट और समाहरणालय जैसे संवेदनशील संस्थान स्थित हैं, वहीं दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के दावों के बीच अपराधियों द्वारा खुलेआम वारदात को अंजाम देना प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल उठाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब डीआईजी कार्यालय के सामने ही कोई सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक है। घटना के 12 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली रहने से लोगों में गुस्सा और अविश्वास बढ़ता जा रहा है। शहर में यह चर्चा तेज है कि अपराधियों के मन से पुलिस का भय समाप्त होता दिख रहा है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

रूपम किशोर सिंह पर हमला करनेवालों की भी नहीं हुई गिरफ्तारी, बढ़ा जनाक्रोश
दुमका। रविवार रात शिव सुंदरी रोड निवासी रूपम किशोर सिंह पर उनके घर के बाहर हुए हमले के मामले में 48 घंटे बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। घटना का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है और मंटु ओझा, गोपाल रक्षित, सावन और जियाउल पर नामजद एवं एक अन्य अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है, बावजूद इसके पुलिस की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है। रूपम ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि पांचों ने जान मारने की नीयत से उसपर हमला किया, बुलेट उसके शरीर पर चढ़ाने की कोशिस की और उसके गले से ढाई लाख रूपये मूल्य का सोना का चेन भी छीन लिया है। लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं और आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी से आम लोगों के बीच डर और असंतोष का माहौल बन गया है तथा प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।




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