चार पूर्व वार्ड पार्षदों व संबंधियों के चुनाव मैदान में आने से दिलचस्प हुआ वार्ड नंबर 10 का चुनाव
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- 15 hours ago
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दुमका नगर निकाय चुनाव में वार्ड नंबर–10 का मुकाबला सबसे दिलचस्प होता नजर आ रहा है। चार पूर्व वार्ड पार्षदों और उनके संबंधियों के मैदान में उतरने से यह वार्ड राजनीतिक रणभूमि में बदल गया है। पुराने दावेदारों के साथ नए चेहरे भी ताल ठोक रहे हैं, जिससे यहां मुकाबला बेहद कांटे का होने के संकेत मिल रहे हैं।

पूर्व पार्षद जहांगीर आलम ने किया पहला नामांकन
नामांकन के दूसरे दिन वार्ड नंबर–10 से पूर्व वार्ड पार्षद जहांगीर आलम ने पहला नामांकन दाखिल कर चुनावी माहौल गरमा दिया। केसरिया कुरता और साफा पहने समर्थकों के साथ वे नामांकन करने पहुंचे। दुमका नगर परिषद और बासुकीनाथ नगर पंचायत के अन्य वार्डों से उस दिन किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया।

पुराने प्रतिद्वंद्वी फिर आमने-सामने
2018 में जहांगीर आलम ने सरिता सिन्हा और कन्हाई प्रसाद साह को हराकर जीत दर्ज की थी, वह भी मात्र 26 वोटों के अंतर से। इस बार वही पुराने प्रतिद्वंद्वी फिर मैदान में हैं। इसके अलावा 2008 के पूर्व वार्ड पार्षद महेश केशरी के भाई मनी केशरी भी चुनौती दे रहे हैं, जिससे मुकाबला और तेज हो गया है।

नए दावेदारों की एंट्री, मुकाबला और तीखा
वार्ड नंबर–10 से नाजिर रसीद कटाने वालों में शशिकांत उपाध्याय, मनोज रक्षित और मनोज राम चंद्रवंशी की पत्नी जुही वर्मा भी शामिल हैं। शशिकांत उपाध्याय 2018 के चुनाव में मामूली वोटों से तीसरे स्थान पर रहे थे, जिससे उनकी दावेदारी भी मजबूत मानी जा रही है।

कांटे की टक्कर तय, वार्ड नंबर–10 बना चुनावी हॉटस्पॉट
पूर्व पार्षदों की वापसी, नए चेहरों की एंट्री और पुराने राजनीतिक समीकरणों के चलते वार्ड नंबर–10 का चुनाव सबसे रोचक और संघर्षपूर्ण बन गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस वार्ड में जीत-हार का फैसला बेहद कम अंतर से होगा और यहां का मुकाबला पूरे नगर निकाय चुनाव की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।









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