एसीबी द्वारा सबूतों को नष्ट करने की विश्वसनीय अधिकारियों से कराएं जांच: बाबूलाल मरांडी
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Sep 21, 2025
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रातों-रात ऑटो में भरकर गायब कर दिया गया उत्पाद विभाग के खिलाफ सारे सबूत
दुमका। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने एसीबी पर आरोप लगाया हैं कि उसके द्वारा भ्रष्टाचार से जुड़े सबूत मिटाए जा रहे हैं। बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार को यह सलाह दी है कि ‘‘उन्होंने तो मामला उजागर कर दिया है, अब राज्य सरकार को चाहिए कि ऐसे अधिकारी जो विश्वसनीय है - ईमानदार हैं उनसे इन मामलों की जांच कराये ताकि सच्चाई सामने आ सके।’’ भाजपा के राज्यसभा सांसद के सौजन्य से दुमका में सांसद खेल महोत्सव के तहत आयोजित साइकिल रेस को हरी झंडी दिखाने के बाद बाबूलाल मरांडी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ‘‘उत्पाद विभाग के खिलाफ भी जो सबूत थे, उसे रातों-रात ऑटो में भरकर गायब कर दिया गया। कोई भी फाइल जब जप्त किया जाता है या हटाया जाता है तो उसकी सूची बनायी जाती है, ऐसा भी नहीं किया गया। हमने जब इस संबंध में सरकार को पत्र लिखा तो वे कहने लगे ऐसे मामले क्यों उठा रहे हैं। सच्चाई सामने लाने के लिए जरूरी है कि सरकार इसकी जांच कराये।

स्वदेशी वस्तुओं को अपनाये ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार मिले
सांसद खेल महोत्सव का उद्घाटन करने के बाद बाबूलाल मरांडी ने कहा कि खेलकूद से शरीर और मन दोनों मजबूत होता है। इसके साथ ही बाबूलाल मरांडी ने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि आप स्वदेशी वस्तुओं को अपनाये ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार मिले, उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके।

दोहराया, सूर्या हांसदा की हुई हत्या, सीबीआई जांच हो
दुमका। बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर से दोहराया कि सूर्या हांसदा की एनकाउंटर नहीं हुई है बल्कि पुलिस वालों ने साज़िश कर उसकी हत्या कर दी। उन्होंने कहा अब तो यह मामला सिर्फ भाजपा ही नहीं बल्कि कई सामाजिक संगठनों के द्वारा उठाए जा रहे हैं , लगातार रैली - प्रदर्शन हो रहे हैं । अब जब पुलिस पर ही इसका आरोप है तो उनके द्वारा कैसे जांच की जा सकती है। ऐसे में इसकी जांच सीबीआई के द्वारा कराई जाए।

कुड़मी आन्दोलन पर कहा यह राज्य सरकार का विषय
दुमका। बाबूलाल मरांडी ने कुड़मी आंदोलन पर कहा कि किस जाति को किस कैटेगरी में रखना है, इसके लिए पूरा सिस्टम बना हुआ है। जातियों को कैटेगरी में शामिल भी किया जाता है और सूची से बाहर भी किया जाता है पर इसके लिए राज्य द्वारा अनुसंशा के साथ केन्द्र को रिपोर्ट भेजी जाती है। उन्होंने आंदोलनकारियों को यह सलाह दी कि आप अपना ज्ञापन राज्य सरकार को सौंपे और उनके द्वारा यह मामला केंद्र सरकार तक पहुंचेगी , यही सही प्रक्रिया होगी ।





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