दुमका में भव्य रूप से मनाया गया सार्वजनिक करमा पर्व
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Sep 1
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दुमका।
मेलर आदिम जनजाति संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में गुहियाजोरी-मकरो स्थित दलमारनी मैदान में इस वर्ष का सार्वजनिक करमा पर्व बड़े ही धूमधाम और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर न केवल संथाल परगना के सभी जिलों से बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी भुइयाँ, घटवार-घटवाल समाज के हजारों लोग शामिल हुए।

कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ –
पर्व की शुरुआत करम अखाड़ा में पारंपरिक झूमर गीतों के साथ करम देवता को जगाने से हुई।
पवित्र करम डाल को अखाड़े में गाड़कर पूजा-अर्चना की गई।
करमा पूजा के पुजारी बाबा ने करमा और धर्मा भाइयों की कथा सुनाई एवं पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला।

विभिन्न गाँवों से आई महिला-पुरुष झूमर टीमों ने पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य और गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
हास्य-नाटक मंचन और झूमर नृत्य प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ, विजेता टीमों को नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।
इस मौके पर मैट्रिक एवं इंटर पास छात्राओं को कलम और कॉपी देकर प्रोत्साहित किया गया।

आयोजकों की बातें –
मेलर संगठन के युवा नेता अनिल सिंह मेलर ने कहा कि “करमा पर्व भुइयाँ, घटवाल/घटवार, खेतोरी और पहड़िया समाज का प्रमुख त्योहार है। इस पर्व में कुंवारी लड़कियाँ अपने भाइयों की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए सात दिनों तक पूजा-अर्चना करती हैं। यह त्योहार हमारी प्रकृति और संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है।”
प्रमुख उपस्थिति –
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से मनोज सिंह मेलर, अरविंद राय मेलर, जगबंधु राय, हिसाबी राय, बीरबल सिंह, प्रकाश राय भुइयाँ, रामानंद राय, खगेश राय, जगदीश राय, राजकुमार राय, इंद्रदेव राय, अभिनंदन राय, जीतेन्द्र राय, विश्वनाथ ईश्वर, हुलास राय, संतोष राय, कैलाश राय, डोमन सिंह मेलर, त्रिभुवन सिंह, गोपाली सिंह, जियराम राय, भागीरथ राय, बाबूलाल राय, नारायण राय, लगेश राय, बालेश्वर राय, राजू राय, विष्णु राय और जागेश्वर राय शामिल रहे।








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