झींगा पालन को लेकर लाभुकों के तालाबों का निरीक्षण, दिया गया तकनीकी मार्गदर्शन
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Jul 17
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दुमका। झींगा पालन को ग्रामीण आजीविका का सशक्त माध्यम बनाने के उद्देश्य से राजबांध पंचायत, दुमका सदर प्रखंड में मंगलवार को क्षेत्र भ्रमण कर लाभुकों को तकनीकी परामर्श दिया गया। यह भ्रमण JSLPS के जिला कार्यक्रम प्रबंधक निशांत एक्का एवं जिला मत्स्य पदाधिकारी नवराजन तिर्की के संयुक्त नेतृत्व में संपन्न हुआ।
उक्त भ्रमण उपायुक्त दुमका के दिशा-निर्देश के तहत पूर्व में झींगा बीज प्राप्त कर चुके लाभुकों की प्रगति का आकलन करने के लिए किया गया था।

तालाब प्रबंधन पर दिया गया तकनीकी प्रशिक्षण
भ्रमण के दौरान चयनित लाभुकों के तालाबों का निरीक्षण कर उन्हें झींगा पालन के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी गई। इसमें शामिल थे:
तालाब की नियमित सफाई
चूना और गोबर का संतुलित प्रयोग
जल की गुणवत्ता बनाए रखने के उपाय
झींगा विकास हेतु उपयुक्त वातावरण का निर्माण
ऑन-स्पॉट अवलोकन और व्यवहारिक सुझाव
लाभुकों को झींगा की वर्तमान वृद्धि को प्रत्यक्ष रूप से दिखाया गया, जिससे वे वैज्ञानिक तरीकों से पालन की महत्ता समझ सकें। इसके साथ ही फीडिंग शेड्यूल, फीड की मात्रा में सुधार, एवं पक्षियों से सुरक्षा के उपायों की व्यवहारिक जानकारी दी गई।

फीड बैग एवं मिनरल बैग का वितरण
झींगा के पोषण को ध्यान में रखते हुए सभी लाभुकों के बीच फीड बैग एवं मिनरल बैग का वितरण भी किया गया, जिससे उत्पादन में गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार हो सके।
वैकल्पिक आजीविका सृजन की दिशा में अहम पहल
JSLPS एवं मत्स्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से की गई यह पहल न केवल ग्रामीणों के बीच झींगा पालन के प्रति जागरूकता बढ़ाने में कारगर रही, बल्कि यह मछली आधारित वैकल्पिक आजीविका संवर्धन की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।








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