झारखण्ड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का और उनकी पत्नी मेनन को 7 वर्ष की सजा
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Aug 30
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रांची के पूर्व एलआरडीसी कार्तिक प्रभात को भी सीबीआई कोर्ट ने सुनायी सजा
रांची। रांची सीबीआई की विशेष कोर्ट ने राज्य के पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का और रांची के पूर्व एलआरडीसी कार्तिक प्रभात समेत अन्य दोषियों को अवैध रूप से जमीन की खरीद-बिक्री के मामले में सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि अगर दोषी जुर्माना की राशि जमा नहीं करते हैं तो अभियुक्तों को 1-1 वर्ष अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर जमीन की खरीद बिक्री का मामला
सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर जमीन की खरीद बिक्री के 15 साल पुराने मामले में रांची सीबीआई की विशेष कोर्ट ने पूर्व मंत्री एनोस एक्का उनकी पत्नी मेनन एक्का, रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात समेत अन्य को शुक्रवार को दोषी करार दिया था। शनिवार को सभी दोषियों की सजा की बिंदु पर सुनवाई हुई। सभी दोषियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीबीआई कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। सीबीआई की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रियांशु सिंह ने कड़ी सजा देने का आग्रह किया।

मार्च 2006 से मई 2008 के बीच बड़े पैमाने पर जमीन की थी खरीदारी
एनोस एक्का पर मंत्री रहते हुए पद का दुरुपयोग कर फर्जी पता का इस्तेमाल कर आदिवासी जमीन की खरीद बिक्री करने का आरोप था और तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात ने इसमें उनकी मदद की थी। प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर जमीन की खरीदारी की गई थी। एनोस एक्का की पत्नी मेनन एक्का के नाम से हिनू में 22 कट्ठा, ओरमांझी में 12 एकड़, नेवरी में 4 एकड़, चुटिया के सिरम टोली मौजा में 9 डिसमिल जमीन खरीदी गई थी। सभी जमीन की खरीदारी मार्च 2006 से मई 2008 के बीच की गई थी।

पूर्व मंत्री के खिलाफ यह चौथा मामला जिसमें उन्हें दोषी करार दिया गया
सीबीआई द्वारा लगाए गए सभी आरोप कोर्ट में सिद्ध हो गए जिसके बाद आरोपियों को दोषी करार दिया गया। इससे पहले एनोस एक्का पारा टीचर हत्याकांड, मनी लॉन्ड्रिंग केस और आय से अधिक मामले में दोषी करार दिए जा चुके हैं। यह चौथा ऐसा मामला है, जिसमें उन्हें दोषी करार दिया गया है।








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