“हमने राज्य बनाया है, अब हक और सम्मान की लड़ाई जारी रहेगी।” – जर्मन बास्की
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Nov 10
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झारखंड आंदोलनकारियों का प्रमंडलीय सम्मेलन दुमका में संपन्न
दुमका। झारखंड आंदोलनकारियों ने सोमवार को गांधी मैदान, दुमका में एक प्रमंडलीय स्तरीय एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया। इस सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष जर्मन बास्की ने की। सम्मेलन में बड़ी संख्या में चिन्हित आंदोलनकारी और उनके परिजन शामिल हुए।

हक, अधिकार और सम्मान राशि की मांग को लेकर रैली व ज्ञापन सौंपा गया
कार्यक्रम के दौरान आंदोलनकारियों ने अपने हक और अधिकार, सम्मान राशि तथा प्रमाण पत्र की मांग को लेकर गांधी मैदान से एक रैली निकाली। यह रैली दुमका शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंची, जहां उपायुक्त के माध्यम से झारखंड सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगे
ज्ञापन में आंदोलनकारियों ने कई प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं —
चिन्हित आंदोलनकारियों को तुरंत पेंशन का भुगतान।
झारखंड आंदोलनकारियों की कंडिका समाप्त कर सम्मानजनक पेंशन।
प्रत्येक चिन्हित आंदोलनकारी को ₹15,000 मासिक सम्मान राशि।
अबुआ आवास योजना का लाभ प्रदान करना।
आंदोलनकारी आयोग का कार्यकाल विस्तार कर शेष लगभग 18,000 आंदोलनकारियों को संपुष्ट करना।
चिन्हित आंदोलनकारियों के आश्रितों को तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की नौकरी में सीधी नियुक्ति।
मुख्यमंत्री सृजन रोजगार योजना के तहत आंदोलनकारियों को बिना ग्रांटर ₹25 लाख तक का कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराना।
आंदोलनकारियों को खास परती 5 एकड़ जमीन एवं शहर में 5 कट्ठा आवासीय भूखंड का बंदोबस्त।
₹15 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवरेज।

सम्मेलन में कई नेता रहे उपस्थित
सम्मेलन में निरंजन सोरेन, सुकदेव हेम्ब्रम, सुरेश प्रसाद मंडल, देवान टुडू, मो. फरीद अंसारी, शिवलाल मरांडी, छोटका मरांडी सहित कई वरिष्ठ आंदोलनकारी मौजूद रहे।

सम्मेलन का उद्देश्य
केंद्रीय अध्यक्ष जर्मन बास्की ने कहा कि झारखंड राज्य की नींव आंदोलनकारियों के बलिदान पर टिकी है, इसलिए सरकार को उन्हें सम्मानजनक पेंशन और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लेती है तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।









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