स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने मांगा रखरखाव में खर्च राशि का हिसाब
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Oct 13, 2025
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कहा-गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें
दुमका। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त ने जिले के अस्पताल से लेकर सीएचसी, पीएचसी और एचएससी के रखरखाव में खर्च किये गये राशि का हिसाब मांगा। बताया जा रहा है कि रखरखाव के मद में जिले के प्रखण्डों को बड़ी राशि दी गयी थी जिसका जैसे-तैसे काम करवा कर खर्च दिखाकर राशि का बंदरबांट कर लिया गया। ऐसा ही एक मामला रानीश्वर प्रखण्ड में तब सामने आया था जब वहां के बीडीओ जांच के लिए पहुंचे थे। सूत्र बताते हैं कि स्वास्थ्य केन्द्रों एवं उप केन्द्रों के रखरखाव के मद में मिली राशि के खर्च में कई तरह की अनियमितताएं बरती गयी है। उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और सभी योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज निर्माण के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती सबसे आवश्यक है। बैठक में उप विकास आयुक्त, सहायक समाहर्ता, सिविल सर्जन, सभी प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

कई हेल्थ सेंटर जगह आवश्यक दवाएं उपलब्ध नहीं
बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता पर विस्तृत चर्चा की। जब उन्हें यह जानकारी मिली कि कई जगह आवश्यक दवाएं उपलब्ध नहीं है तो उन्होंने अधिकारियों की जमकर क्लास ली। जिप अध्यक्ष ने कहा कि अस्पतालों की स्थिति में पहले से सुधार तो हुआ है पर अब भी कई दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ती है। उपायुक्त ने कहा कि सभी प्रखंडों में एसेंशियल दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी मरीज को दवा की कमी का सामना न करना पड़े।

स्वास्थ्य केन्द्रों नहीं की जा रही है विशेष जांच
बैठक में यह भी तथ्य सामने आया कि उपकरण एवं रसायन रहने के बावजूद पैथोलॉजी की विशेष जांच नहीं की जा रही है। उपायुक्त ने कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में ग्लूकोमीटर, हीमोग्लोबिन जांच मशीन, ब्लड प्रेशर मॉनिटर, नेबुलाइजर जैसे सभी आवश्यक उपकरण कार्यशील स्थिति में रहें। उन्होंने निर्देश दिया कि मरीजों की जांच एवं उपचार में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए, और उपकरणों की नियमित जांच व मरम्मत की व्यवस्था हो। उन्होंने यह भी कहा कि सभी स्वास्थ्यकर्मी ग्रामीण इलाकों में जाकर डायल 104 स्वास्थ्य सेवा की जानकारी आमजनों तक पहुंचाएं, ताकि जरूरतमंद लोग समय पर चिकित्सा सलाह प्राप्त कर सकें।

ममता वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें
डीसी ने आगे कहा कि प्रत्येक प्रखंड में पर्याप्त संख्या में ममता वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और प्रसवोत्तर माताओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें इसे सुनिश्चित करें। वाहनों की स्थिति, चालक की उपस्थिति एवं कार्यशीलता की नियमित मॉनिटरिंग करने का भी निर्देश दिया गया। समीक्षा के दौरान उन्होंने पोषण संबंधी जनजागरूकता बढ़ाने पर भी बल दिया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं को आयरन टेबलेट का नियमित सेवन, संतुलित आहार और प्रसवपूर्व जांच के प्रति जागरूक किया जाए ताकि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रहें।









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