सुर्या हांसदा का इनकाउंटर की सीबीआई से जांच करवाने की मांग
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Sep 19, 2025
- 3 min read

एसपी कॉलेज से निकाला जन आक्रोश महारैली, सौंपा मांग पत्र
दुमका। गोड्डा पुलिस द्वारा सूर्य नारायण हांसदा उर्फ सुर्या हांसदा का इनकाउंटर मामला लगातार तुल पकड़ता जा रहा है। संताल परगना समन्वय समिति के बैनर तले कई संगठनों द्वारा इस इनकाउंटर को हत्या करार देते हुए इसकी सीबीआई से जांच करवाने की मांग को लेकर जिला स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन चलाया जा रहा है। इसकी शुरुवार 11 सितंबर को गोड्डा में हुई थी। इसी मांग को लेकर शुक्रवार को दुमका में जनाक्रोश महारैली निकाली गई। दुमका के एसपी कॉलेज परिसर में सूर्या हांसदा की मां और पत्नी के साथ काफी संख्य में विभिन्न संगठनों के लोग खासकर युवा एकत्रित हुए, जहां से जन आक्रोश महारैली निकाली गई। हाथों में तख्ती लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सभी शहर के विभिन्न मार्गाे से गुजरते हुए दुमका समाहरणालय पहुंचे जहां राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम डीसी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में सूर्या हांसदा मामले की सीबीआई जांच की मांग की गई है।

रक्षक नहीं भक्षक है गोड्डा पुलिस: सूर्या की मां
मीडिया से बात करते हुए सूर्या हांसदा की पत्नी ने कहा कि अभी तक न्याय नहीं मिला है। सरकार जब तक सीबीआई जांच की अनुशंसा नहीं करती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं सूर्या की मां ने कहा कि गोड्डा पुलिस रक्षक नहीं भक्षक है। सूर्या की हत्या की गई है। सरकार भले ही चुप्पी साधे लेकिन न्याय दिलाने के लिए सैकड़ों सूर्या हांसदा सड़क पर उतर गया है।

यह अबुआ नहीं बबुआ सरकार: निखिल
झारखंड क्रांति सेना से जुड़े निखिल मुर्मू ने कहा कि यह अबुआ सरकार नहीं बबुआ सरकार हो गई है। आदिवासी राज्य आदिवासी को मारा जा रहा है लेकिन तथाकथित आबुआ सरकार इस पर संज्ञान नहीं ले रही है। सरकार आदिवासी मूलवासी की आंखों में धूल झोंक रही है. सीबीआई जांच की अनुशंसा करने के बजाय सीआईडी से जांच करवा रही है। मजबूरन लोगों को सड़क पर उतरना पड़ा है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सूर्य नारायण हांसदा की हत्या नहीं है बल्कि सैकड़ों अनाथ मासूम की हत्या है जिसे अपने विद्यालय में रख कर सूर्या पढ़ा रहे थे। सरकार से बस एक ही मांग है कि मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा करें अन्यथा यह आंदोलन जारी रहेगा।

मांग नहीं मानी तो होगी आर्थिक नाकाबंदी: श्यामदेव
छात्र नेता श्यामदेव हेंब्रम ने कहा कि हेमंत सोरेन आदिवासी विरोधी सरकार बन गई है, जो जनता के हित के लिए नहीं सोच रही है। उन्होंने कहा कि जनाक्रोश महारैली के माध्यम से सरकार को आगाह कर रहे है कि सीबीआई जांच की अनुशंसा करें, अन्यथा अभी तो जिला स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन चलाया जा रहा है। आने वाले समय में आर्थिक नाकाबंदी की जाएगी और इसके लिए जिम्मेवार सरकार और गोड्डा पुलिस प्रशासन होगी। छात्र नेता राजीव बास्की ने कहा कि यदि सरकार हमारी मांगे पूरा नहीं करती है तो सभी छात्र चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।

दोषी अफसरों को सजा मिलनी चाहिए: सुशीला मुर्मू
रैली में शामिल सूर्या हांसदा की पत्नी सुशीला मुर्मू ने सीधा आरोप लगाया कि झारखंड सरकार की गोड्डा पुलिस ने उनके पति को बिना कोई वजह से मार दिया। सुशीला मुर्मू ने बताया कि सूर्य नारायण हांसदा हमेशा जनता के हित के लिए सोचते थे और सूर्या हांसदा एक आवासीय विद्यालय खोलकर 350 गरीब बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देने का कार्य कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सूर्या हांसदा के फर्जी एनकाउंटर मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए और दोषी अफसरों को सजा मिलनी चाहिए।

कई जिलों से पहुंचे युवा महारैली में हुए शामिल
गिरिडीह से पहुंचे सिकंदर हेंब्रम ने कहा कि हेमंत सोरेन माफिया पंकज मिश्रा के इशारों पर चल रहें हैं, जनता जाग चुकी है और अब हेमंत सोरेन का पर्दाफाश हो गया है। जन आक्रोश महारैली में पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा, प्रभाकर तिर्की, एलएम उरांव समेत रांची से संगठन के प्रतिनिधि और पूर्व झारखंड आंदोलनकारी मौजूद थे। सब ने एक स्वर में इस हत्याकांड मामले में सीबीआई जांच की मांग की। महारैली में राज्य के जमशेदपुर, रांची, गिरिडीह, गोड्डा व जामताड़ा से आये लोग भी शामिल हुए।








Comments