सरैयाहाट के लोगों को जल्द मिलेगी बिजली की आंखमिचौनी से मुक्ति
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Oct 6, 2025
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Updated: Oct 7, 2025

32/33 केवीए ग्रिड का काम अंतिम चरण में, नवंबर से चालू होने की उम्मीद
दुमका। जिले के सरैयाहाट क्षेत्र के लोगों को लंबे इंतजार के बाद अब बिजली की आंखमिचौनी से मुक्ति मिलने जा रही है। प्रखंड अंतर्गत झारखंड मोड़ के पास 132/33 केवीए का पावर ग्रिड सब स्टेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इसका 80 प्रतिशत तक काम पूरा हो गया है। शेष कार्य को नवंबर माह तक पूरा कर लिया जाएगा। झारखंड मोड़ ग्रिड से पांच विद्युत सब स्टेशन से सीधे जोड़ा जाएगा।

मामूली आंधी तूफान में बंद हो जाती है विद्युत आपूर्ति
सरैयाहाट क्षेत्र में बिजली की समस्या लगातार बनी रहती है। कभी लोडशेडिंग तो कभी मामूली आंधी तूफान में तार गिर जाना, बिजली आपूर्ति न हो पाने का कारण बनते रहे हैं। बरसात होने या आंधी-पानी होने से बिजली गुल हो जाती है। इसे लेकर उद्योगपति, दुकानदार, आम जनता के साथ छात्र काफी परेशान रहते हैं। पावर ग्रिड चालू हो जाने से क्षेत्र के लोगों को बिजली की समस्या से निजात मिल जाएगी।

50 किमी दूर महारो ग्रिड से से होती है विद्युत आपूर्ति
सरैयाहाट में दुमका के महारो ग्रिड से यानि 50 किलोमीटर एक लंबी लाइन से बिजली आपूर्ति की जाती है, जिससे तकनीकी खामियां आना आम बात है। एक बार बिजली में फॉल्ट होने के बाद दो-तीन दिनों तक पूरा क्षेत्र ब्लैक आउट हो जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि फोल्ट होने पर 50 किमी संचरण लाईन की बारीकी से जांच करनी पड़ती है। पहले तो फोल्ट खोजने में समय लगता है और फिर उसे ठीक करने में। पावर ग्रिड बन जाने से लोगों में यह आशा जगी है कि अब क्षेत्र में बिजली के लिए समस्या नहीं होगी. बिजली फॉल्ट से लोगों को निजात मिलेगी.

शिफ्ट नहीं किया गया है 132 केवीए का ट्रांसफर्मर
परिसर में 132 केवीए का ट्रांसफर्मर जो करीब चार माह से पड़ा हुआ है, उसे अभी तक शिफ्ट नहीं किया गया है। संवेदक के ढुलमुल रवैये के कारण समय पर कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। पावर ग्रिड सबस्टेशन तक पहुंच पथ भी कच्ची रहने से सामान की ढुलाई करने में परेशानी हो रही है। बताया जा रहा है कि 6 जगह डीप बोरिंग करने के बाद भी पानी का उचित प्रबंध नहीं हो पाया है।





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