संतालों ने जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाये गये सीएम के होर्डिंग पर क्यों जताई नाराजगी
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Sep 28, 2025
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दुमका। शारदीय नवरात्र का त्यौहार चल रहा है. हर तरफ भक्तिपूर्ण माहौल है। लोग शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की आराधना कर रहे है, एक दूसरे को दुर्गा पूजा की शुभकामना भी दे रहे हैं। इस सबके बीच जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा दुमका के चौक चौराहों पर होर्डिंग्स लगाया गया है, लेकिन इस होर्डिंग्स पर संताल समाज के लोगों ने नाराजगी जताई है। दुमका प्रखंड के लेटो गांव में दिसोम मरांग बुरु युग जाहेर अखड़ा और ग्रामीणों की बैठक हुई। बैठक के दौरान इस बात पर चर्चा हुई कि ज़िला जनसंपर्क कार्यालय, दुमका द्वारा दुर्गा पूजा एवं दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं का होर्डिंग लगाया गया है. जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का फ़ोटो लगा हुआ है. लेकिन अबूआ राज में भी जनसंपर्क कार्यालय द्वारा संताल आदिवासी के दशांय पर्व का शुभकामना नहीं दिया गया है. इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है।

सीएम भी संताल, फिर भी दशांय पर्व का शुभकामना नहीं देना दुखद
दुमका। अखड़ा का कहना है कि राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सभी जाति और धर्म के मुख्यमंत्री है. इतना ही नहीं वह स्वंय भी संताल आदिवासी है, फिर भी विभाग द्वारा संताल आदिवासी के दशांय पर्व का शुभकामनाएं नहीं दिया गया, जो बहुत दुखद है। इससे अखड़ा और ग्रामीण काफी निराश और वे आक्रोशित भी है।

होर्डिंग में दशांय की शुभकामना नहीं दी तो होगा उग्र आंदोलन
दुमका। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि अबुआ दिसोम अबुआ राज है, फिर भी जनसंपर्क कार्यालय द्वारा आदिवासी पर्व दशांय का शुभकामना नहीं दिया गया. ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और जनसम्पर्क विभाग से मांग किया कि विभाग द्वारा संताल आदिवासी के दशांय पर्व की शुभकामना दिया जाय. ग्रामीणों ने यहां तक कहा कि अगर दशांय की शुभकामना नही दिया जाता है तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।

बैठक में अखड़ा के लोग और ग्रामीण हुए शामिल
दुमका। लेटो गांव में हुए दिसोम मरांग बुरु युग जाहेर अखड़ा और ग्रामीणों की बैठक में सुनील टुडू, सूरज टुडू, कहा मरांडी, अनिल टुडू, सूर्यमुनि मुर्मू, मलोती हांसदा, लुखिराम टुडू, मुनि हांसदा, माणिक टुडू, लुखी सोरेन, होपोनटिह किस्कु, लालमुनि मरांडी, सुमित्रा मरांडी, सूरज मरांडी, सिलवंती मुर्मू, लालमुनि टुडू, मिस्त्री मरांडी, बाबूलाल टुडू आदि के साथ काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।





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