विद्यार्थी परिषद् ने सिकामु विवि को लेकर केन्द्रीय मंत्री को सौंपा 26 सूत्री मांग पत्र
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Oct 13, 2025
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दुमका। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् दुमका की ओर से सोमवार को नगर मंत्री गणेश मुर्मू को नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के श्रीमती अन्नपूर्णा देवी से मुलाकात की। विश्वविद्यालय को समस्याओं को लेकर पत्र भेजा गया जिसमें मुख्य रूप से विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉ. राजीव कुमार एवं वित्त पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सिन्हा की नियुक्ति, कार्यकाल, वित्तीय लेनदेन एवं प्रशासनिक कार्यों में गहन भ्रष्टाचार और दुरुपयोग की आशंका है। इस संबंध में पूर्व में भी कई आवेदन प्रस्तुत किए गए हैं, किंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से स्थिति और गंभीर होती जा रही है। केन्द्रीय मंत्री से मिलने वालों में विभाग संगठन मंत्री हिमांशु दुबे, जिला संयोजक अभिषेक गुप्ता, राजकिशोर, उपेंद्र दास, अभिनंदन कुमार, राज केसरी शामिल थे।

डा राजीव कुमार को ओएसडी पद से हटाने की मांग
अभाविप की मांग है कि प्रॉक्टर डॉ. राजीव कुमार की नियुक्ति प्रक्रिया एवं पदोन्नति की वैधता की जांच हो। वित्त पदाधिकारी के रूप में कार्यकाल के दौरान भवन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं पारदर्शिता की जांच हो। डॉ. राजीव कुमार द्वारा अपने पिता को किए गए भुगतान की वैधता की जांच हो। जून 2023 से मार्च 2025 तक विश्वविद्यालय के विकास एवं परीक्षा मद में किए गए व्ययों की स्वतंत्र जांच किया जाए। उनके कार्यकाल में की गई सभी नियुक्तियों (सहायक एवं बी.एड. विभाग) की पारदर्शिता की जांच हो। डॉ. राजीव कुमार को कुलपति का विशेष कार्य पदाधिकारी ओएसडी बनाए जाने की प्रक्रिया की जांच एवं पद समाप्त किया जाए, डॉ. राजीव कुमार की पीएचडी उपाधि एवं नियुक्ति प्रक्रिया की जांच की भी मांग की गयी है।

विश्वविद्यालय परिसर में बने नए भवनों के जांच की मांग
अभाविप ने यह भी मांग की है कि विश्वविद्यालय परिसर में बने नए भवनों (बीएड गर्ल्स हॉस्टल आदि) के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच हो तथा जांच पूरी होने तक कार्य पर रोक लगे। जामा प्रखंड में निर्माणाधीन डिग्री कॉलेज के कार्यों पर जांच पूरी होने तक रोक लगे, मल्टीपर्पस हॉल निर्माण की तकनीकी एवं वित्तीय जांच, विश्वविद्यालय द्वारा एनसीसीएफ को किए गए लगभग 10 करोड़ के भुगतान की गहन जांच, विश्वविद्यालय द्वारा खरीदे गए सभी सामग्रियों (कुर्सी, टेबल, लैपटॉप आदि) की गुणवत्ता की जांच हो।

कालेजों में नियमित प्राचार्य की नियुक्ति करने की मांग
परिषद ने मॉडल कॉलेजों में स्थानीय निवासियों को प्राथमिकता देते हुए नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने, झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम के अनुसार 60 वर्ष से अधिक आयु वाले शिक्षकों/अधिकारियों को प्रशासनिक पदों से हटाने, विश्वविद्यालय के सभी गैर-शैक्षणिक/प्रशासनिक पदाधिकारियों की आयु एवं सेवा नियमों की जांच करने, सभी कॉलेजों में प्रभारी प्राचार्यों को हटाकर नियमित प्राचार्य की नियुक्ति करने, कुलसचिव ट्रांसफर-पोस्टिंग समिति में की गई अनियमितताओं की जांच करने, विश्वविद्यालय लाइब्रेरी हॉल निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांच तथा जांच पूर्ण होने तक कार्य पर रोक लगाने, विश्वविद्यालय में विधि की पढ़ाई शीघ्र प्रारंभ करने की मांग की है।

डॉ. संजय कुमार सिन्हा द्वारा “उपाचार्य” का उल्लेख करने की हो जांच
छात्र संगठन ने छात्रों से खेल मद में ली गई राशि एवं खेल गतिविधियों की जांच, विश्वविद्यालय की सिक्योरिटी गार्ड कंपनी की चयन प्रक्रिया एवं कार्यप्रणाली की जांच, मॉडल कॉलेज एवं डिग्री कॉलेजों में सभी निर्माण कार्यों की जांच, मॉडल एवं डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति शीघ्र सुनिश्चित की जाए, डॉ. संजय कुमार सिन्हा द्वारा अपने प्रमाणपत्र में गलत तरीके से “उपाचार्य” का उल्लेख किए जाने की जांच, विश्वविद्यालय में ओबीसीएवं सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए छात्रावास का निर्माण शीघ्र किया जाए, यह भी उल्लेखनीय है कि डॉ. राजीव कुमार खुलेआम कहते हैं कि “मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता”, जो विश्वविद्यालय की गरिमा के विपरीत है। मंत्री से निवेदन किया कि सभी बिंदुओं पर 15 दिवस की अवधि में निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है।





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