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लापरवाही बरतनेवाले दुमका के तीन शिक्षकों का मानदेय पर रोक

तीनों शिक्षकों ने नहीं लिया नवभारत साक्षरता परीक्षा का प्रश्नपत्र

गोपीकांदर/निज संवाददाता। गोपीकांदर में तीन शिक्षकों की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। तीनों शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के आदेश की अवहेलना की है। मामले को गम्भीरता से लेते हुए गोपीकांदर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सुरेंद्र हेम्ब्रम ने तीन शिक्षकों को कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में स्पष्टीकरण की मांग किया है और तत्काल उनके मानदेय पर रोक लगा दिया गया है। बीईईओ सुरेंद्र हेम्ब्रम ने पत्र जारी कर तीनों शिक्षकों से संतोषजनक जवाब मांगा है। बीइइओ कार्यालय से जारी पत्र में बताया गया है कि नव साक्षर भारत कार्यक्रम के सभी विद्यालयों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता परीक्षा का आयोजन 21 सितंबर को किया गया। उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय दुबराजपुर के सचिव ढेना मुर्मू, सहायक अध्यापक सुजाता बास्की और सिध्दपहाड़ी विद्यालय के सचिव शिवनारायण गृही ने परीक्षा का प्रश्न पत्र का उठाव नहीं किया है। पत्र में बताया गया है कि तीनों शिक्षकों ने प्रश्न पत्र का उठाव नहीं किया बल्कि और न ही परीक्षा का आयोजन किया। बताया गया है कि तीनों शिक्षकों ने नव साक्षरों का परीक्षा लेना जरूरी नहीं समझा और न ही परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। यह तीनों शिक्षकों की लापरवाही का सूचक है। तीनों शिक्षकों ने विभागीय आदेश का भी अवहेलना किया है। तीनों शिक्षकों से अलग-अलग स्पष्टीकरण की मांग किया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं प्राप्त होने की स्तिथि में चार प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि कटौती की जाएगी। फिलहाल तीनों का मानदेय पर रोक लगा दिया गया है।

जिले के 1600 केन्द्रों में हुई साक्षरता परीक्षा

दुमका। नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी संस्थान (एनआईओएस) द्वारा दुमका जिले में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता सह आकलन जांच परीक्षा सम्पन्न हो गई। जिला साक्षरता समिति द्वारा जिले में 30 हजार नवसाक्षरों को सम्मिलित कराने का लक्ष्य राज्य स्तर से निर्धारित था। इसके लिए पूरे जिले में विद्यालय स्तर पर 1600 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए और विद्यालय के प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों को केन्द्राधीक्षक व वीक्षक बनाया गया था। संकुल के सीआरपी बीआरपी को परीक्षा के अनुश्रवण और सहयोग करने के लिए लगाया गया। प्रखंड और जिला स्तर पर गठित अनुश्रवण टीम में जिला शिक्षा पदाधिकारी भूतनाथ रजवार, जिला शिक्षा अधीक्षक सह सचिव आशीष कुमार हेम्ब्रम और जिला कार्यक्रम समन्वयक अशोक सिंह शामिल थे।

साक्षरता परीक्षा में बड़ी संख्या में शामिल हुई महिलाएं

अनुश्रवण के दौरान बड़ी संख्या में महिला परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र में देखी गई। जिला कार्यक्रम समन्वयक अशोक सिंह ने बताया कि रविवार की शाम तक प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार लक्ष्य के अनुसार लगभग 70 प्रतिशत परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इस परीक्षा में नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत विद्यालय एवं गांव टोला स्तर पर संचालित जन चेतना केंद्रों में पठन-पाठन गतिविधियों से जुड़ें 15 प्लस आयु वर्ग के वयस्क नवसाक्षरों को सम्मिलित किया गया। इस परीक्षा में विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन बनाने वाली असाक्षर रसोइयाकर्मी एवं विद्यालय प्रबंधन समिति से जुड़े असाक्षर नवसाक्षर सदस्यों को भी सम्मिलित किया गया।

अनुपस्थित केन्द्राधीक्षकों व शिक्षकों पर होगी कार्रवाई

जिला शिक्षा अधीक्षक सह जिला साक्षरता समिति दुमका के सचिव आशीष कुमार हेम्ब्रम ने बताया कि जिला स्तर से निदेश के बाबजूद जहां जिस केंद्र में परीक्षा नहीं ली गई है या केन्द्राधीक्षक या शिक्षक अनुपस्थित पाए गए हैं, वहां से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद स्पष्टीकरण जारी कर विभागीय कार्रवाई की जायेगी।

उन्होंने बताया कि केंद्र प्रायोजित नवभारत साक्षरता कार्यक्रम पूरे जिले में संचालित है जिसके तहत असाक्षर महिला एवं पुरुषों को जन चेतना केंद्र के माध्यम से साक्षर किया जाता है। जिसके लिए साल में दो बार एनआईओएस के द्वारा परीक्षा ली जाती है और नवसाक्षरों का सर्टिफिकेशन किया जाता है।

गोपीकांदर में दो हजार वयस्कों ने दी नव साक्षर परीक्षा

गोपीकांदर/निज संवाददाता। गोपीकांदर प्रखंड नव भारत साक्षरता के तहत 133 विद्यालयों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता परीक्षा ली गई जिसमें करीब दो हजार वयस्कों ने नव साक्षरों ने परीक्षा दिया। इस दौरान प्रखंड शिक्षा कार्यक्रम पदाधिकारी शमीम परवेज ने गाड़ियापानी मिशन विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता का आंकलन परीक्षा यह निर्धारित करने के लिए ली जाती है कि कोई 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के वयस्कों का महत्वपूर्ण जीवन कौशल के साथ सशक्त बनाती है। पढ़ने, लिखने और गणितीय संक्रियाओं में कितना निपुण है। इस परीक्षा का उद्देश्य गैर-साक्षर-शिक्षार्थियों को बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक कौशल से सशक्त बनाना है। दौरान विभिन्न विद्यालय में नोमिता किस्कू, तेरेसा हेम्ब्रम, संतोष हेम्ब्रम, रोज मेरी मरांडी, रीता सोरेन, रामप्रसाद देहरी, लेदो खालको आदि मौजूद थे

जामा के 253 विद्यालयों में में आयोजित की गयी परीक्षा

जामा/निज संवाददाता। प्रखंड के 253 विद्यालयों में एनआईओयूएस द्वारा संचालित नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत रविवार को आयोजित उल्लास नव भारत साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गयी। बीपीओ बिनोद कुमार ने बताया कि प्रखंड में 253 केंद्रों में परीक्षा आयोजित की गयी जिसमें तीन हजार का लक्ष्य दिया गया था। इसमें कुल 2754 नव साक्षरों ने भाग लिया जबकि 246 अनुपस्थित रहे। इस बार परीक्षा में शामिल नव साक्षरों का रजिस्ट्रेशन एवं सम्मिलित प्रतिभागियों की संख्या दिए गए पोर्टल पर संकुल स्तर पर समेकित कर प्रखंड कार्यालय को भेजी गयी और फिर प्रखंड स्तर पर समेकित प्रतिवेदन जिला को भेजा जायेगा। इस परिक्षा में रजिस्ट्रेशन फॉर्म प्रखंड स्तर पर जमा नहीं होगा। संबंधित विद्यालय में उसका मूल्यांकन किया जायेगा और सिर्फ अवॉर्ड लिस्ट बन कर प्रखंड जायेगा।


 
 
 

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