बच्चों से चुनवाया जाता था पशु की हड्डियाँ, उससे बनाया जाता था साबुन
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Sep 8, 2025
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दुमका आरपीएफ ने पाकुड़ जिला के तीन बच्चों का किया रेस्क्यू
दुमका। दुमका के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन ऐसे नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू किया है जिन्हें जबरन पशुओं की हड्डियां इकठ्ठा कर उनसे साबुन निर्माण के काम में लगाया जा रहा था।

साबुन बनाने के लिए इकट्ठा करवाई जाती हैं पशुओं की हड्डियां
दुमका। जानकारी के अनुसार, जिला बाल दुमका। संरक्षण पदाधिकारी (डीसीपीओ) प्रकाश कुमार की पहल पर आरपीएफ ने छापेमारी कर इन तीनों बच्चों को मुक्त करवाया है। जांच में सामने आया कि बच्चों से जबरन हड्डियां इकठ्ठा करवाकर एक लघु उद्योग में सप्लाई की जाती थी। वहां से साबुन निर्माण के लिए सामग्री तैयार होती और फिर उसका बाजार में वितरण एवं बिक्री की जाती थी।

श्रीअमड़ा के बाल गृह में रखे गये तीनों बच्चे
दुमका। रेस्क्यू किए गए तीनों बच्चों को फिलहाल दुमका के श्रीअमड़ा में स्थित बाल गृह में रखा गया। पाकुड़ जिले के बाल संरक्षण पदाधिकारी से तीनों बच्चों का सामाजिक आर्थिक रिपोर्ट मांगा गया है जिसके आधार पर सीडब्ल्यूसी सी इन बच्चों के सर्वोत्तम हित में निर्णय लेते हुए उन्हें परिवार में पुनर्वासित करेगी। रेस्क्यू अभियान में रेलवे चाइल्ड लाइन, चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (सीडब्ल्यूसी) और डीसीपीयू की भी सहभागिता रही।





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