फैसले की घड़ी आयी नजदीक, तनाव में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Sep 8, 2025
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जजमेंट पर है केस, एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट ने सुनवाई के लिए अगली तिथि दी
दुमका। सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में गोड्डा में दर्ज प्राथमिकी में फैसले की घड़ी नजदीक आ गयी है और इसको लेकर बार-बार पेशी चल रही है जिसकों लेकर ग्रामीण विकास मंत्री सह गोड्डा के महागामा विधायक दीपिका सिंह पांडेय तनाव में नजर आ रही हैं। सोमवार को दुमका के एमपी-एमएलए विशेष अदालत में मंत्री की पेशी हुई पर काईवाई कुछ खास आगे नहीं बढ़ी। केस जजमेंट पर है। एमपी-एमएलए विशेष न्यायाधीश सह एसडीजेएम मोहित चौधरी के न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई के लिए अगली तिथि निर्धारित कर दी। ऐसा माना जा रहा है कि अगली तिथि को संभवतः जजमेंट की तिथि निर्धारित होना है। अगली तिथि 12 सितंबर को निर्धारित किया गया है।

अबतक 10 गवाहों का कोर्ट में हो चुका है परीक्षण
इस केस में अभियोजन पक्ष द्वारा अब तक 10 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है जिसमें अधिकांश गवाहो ने घटना का समर्थन किया है। इस केस में सभी गवाहों ने घटना का समर्थन तो किया है पर घटनास्थल, घटना के समय, अभियुक्तों को चिन्हित करने की प्रक्रिया तक गवाहों के बयान में इतना विरोधाभाष है कि केस को साबित करना अभियोजन के लिए आसान नहीं है।

सड़क हादसे में घायल की मौत पर हुआ था हंगामा
यहां बता दें कि यह मामला वर्ष 2017 का है। जहां क्षेत्र भ्रमण के दौरान महागामा में सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति के घायल होने के बाद आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया था। इस दौरान कांग्रेस के तत्कालीन जिला अध्यक्ष के रूप में दीपिका पांडेय सिंह घटनास्थल पर पहुंची थी। मामले में थाना कांड संख्या 72/2017 में भादवि की धारा 147,149,353,332,427,283,504,506 एवं 120 बी के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई थी।









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