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प्रशिक्षु आईएएस ने खुद पकड़ा फीता, हाइकोर्ट के आदेश पर नापी गयी जमीन

दुमका शहर के बांधपाड़ा मोहल्ले में सरकारी गली के अतिक्रमण का है मामला

दुमका। झारखण्ड हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश कुमार के द्वारा सुमन कुमार साह बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य के मामले में 17 सितम्बर को दुमका के उपायुक्त को दिये गये आदेश के आलोक में शुक्रवार को प्रशिक्षु आईएएस नाजिस उमर अंसारी के नेतृत्व में दुमका शहर के बांध पाड़ा में जमीन की मापी की गयी। मापी के दौरान कई बार प्रशिक्षु आईएएस खुद फीता पकड़ कर नापी करते देखे गये। दरअसल प्रशिक्षु आईएएस अंसारी सिविल इंजिनियर हैं इसलिए नापी करने वाले अमीन, सीआई एवं कर्मचारी जब कुछ समझा नहीं पाते या स्पष्टता नहीं होती तो वह खुद नक्सा देखते और फीता लेकर जमीन मापने और माप को नोट करवाने लग जाते थे।

शिव पहाड़ से शुरू हुआ मापी, 5 घंटे तक चला

प्रशिक्षु आईएएस के नेतृत्व में शुक्रवार को दुमका सीओ अमर कुमार, सीआई बिनोद सिंह, अंचल अमीन अंगद पाल एवं अंचलकर्मियों की टीम बांध पाड़ा पहुंची। दुमका नगर थाना की पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। सबसे पहले शिव पहाड़ चौक पर सिथत शिव द्वार जो पुराना दुमका और कड़हलबिल मौजा का सीमा है, उसे केंद्र बिंदु मानकर मापी कर नक्सा का सत्यापन किया गया। सुबह 11 बजे से शुरू हुई नापी की यह कवायद शाम के करीब चार बजे तक चली। इस दौरान बीच में कुछ समय के लिए बारिश के कारण मापी का काम रोक देना पड़ा।

अंचल अमीन अंगद के तलाशी से शुरू हुई कार्रवाई

प्रशिक्षु आईएएस अंसारी ने जमीन की नापी शुरू करने से पहले दो गवाहों को बुलाने को कहा। जब दोनों गवाह आ गये तो उन्होंने नापी शुरू करने के पहले गवाहों के सामने अंचल अमीन अंगद की तलाशी लेने को कहा। अमीन को जेब में रखे हुए पैसे से लेकर नापी के लिए लाये गये दो स्केल और डिवाईडर (दो सुई वाला कंपास) आदि देखा गया। इसके बाद विलेज मैप के अनुसार नापी किये जाने के लिए सबसे पहले दाग नंबर को नक्से से सत्यापित करने के लिए कड़हलबिल मौजा के सीमा से नापी शुरू करने का निर्णय लिया गया। शिवपहाड़ा के शिव द्वार से नापी शुरू कर बांधपाड़ा स्थित उस गली तक टीम पहुंची जिसमें गली का अतिक्रमण को हटाने का दुमका के डीएम ने आदेश दिया है जिसके खिलाफ सुमन कुमार साह हाईकोर्ट गये थे।

दोनों गवाहों ने दर्ज किया आंखों देखा ब्योरा

नापी की कार्रवाई पूरी होने पर नापी की पूरी प्रक्रिया और उस दौरान किये गये नापी का ब्योरा (पंचनामा) दर्ज किया गया जिसपर दोनों ने हस्ताक्षर किये। नापी के दौरान अंचल अमीन के अलावा पिटिशनर की तरफ से एक प्राईवेट अमीन भी मौजूद था। खुद सीओ भी नापी करते हुए देखे गये। सीआई के सहयोग के लिए दो अन्य सीआई भी आये थे। नापी के दौरान दोनों पक्ष के अलावा उनके परिचित लोग भी मौजूद रहे जबकि इलाके के लोगों को पहले लग रहा था कि सड़क निर्माण के लिए रोड नापी जा रही है।

नापी के कार्रवाई की हुई वीडियो रिकार्डिंग

प्रशिक्षु आईएएस के नेतृत्व में नापी की कार्रवाई वीडियो रेकार्डिंग के साथ शुरू हुई। इस दौरान दोनों पक्ष के लोग जब वीडियो बनाने लगे तो प्रशिक्षु आईएएस ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने जमीन मापी की पूरी कार्रवाई और उस दौरान हुए वाद-विवाद सबकी वीडियोग्राफी करवायी। इसके अलावा उन्होंने सुमन साह और शिव कुमार गुप्ता के घर के बीच स्थित गली का नीचे के अलावा पहले से लेकर चौथा तल्ला तक किये गये अतिक्रमण का भी अलग से वीडियोग्राफी करवाया। पूरी कवायद के बाद तैयार पंचनामा को दोनों पक्षों के सामने पढ़कर भी सुनाया गया। प्रशिक्षु आईएएस ने बताया कि गली के अतिक्रमण को लेकर चल रहे एक मामले में हाईकोर्ट ने पीटिशनर के जमीन और उससे लगे जमीन की नापी कर रिपोर्ट मांगी है, वह कोर्ट को भेज दी जायेगी।


 
 
 

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