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निभाई अमर मोहब्बत- पत्नी को बचाते हुए पति ने गंवाई अपनी जान

पत्नी को बचाने में पति ने दी जान, दुमका के जामा में करंट लगने से दर्दनाक मौत

दुमका। फिल्म “तोहफा” का मशहूर गीत - “ये तो कहो जीवन के सफर की आखिरी आरज़ू क्या है, तुझसे पहले मैं उठ जाऊं, मैंने ये सोचा है” कृ रविवार को दुमका जिले के जामा थाना क्षेत्र में एक वास्तविक घटना बन गया, जब एक पति ने अपनी पत्नी को बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी।

लोहे के पाइप पर कपड़े सुखा रही थीं पत्नी

घटना जामा थाना क्षेत्र के सुगनीबाद गांव की है, जहां 50 वर्षीय सुबालक बघोत की मौत बिजली के करंट की चपेट में आने से हो गई। जानकारी के अनुसार, उनकी पत्नी पिंकू देवी घर के पास रखे लोहे के पाइप पर कपड़े सुखा रही थीं। इसी दौरान पाइप में अचानक करंट दौड़ गया और पिंकू देवी चिपक गईं। यह देख सुबालक बघोत उन्हें बचाने दौड़े, लेकिन पत्नी को छुड़ाने के प्रयास में वे खुद करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

पत्नी की हालत स्थिर, परिवार में मातम का माहौल

गंभीर रूप से झुलसी पिंकू देवी को परिजनों ने तत्काल फुलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल, दुमका पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति सामान्य बताई है। उधर, पति की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया है।

थाना पुलिस ने की जांच, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर

घटना की सूचना मिलते ही जामा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। सुबालक बघोत अपने पीछे एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सुबालक अपने परिवार से बेहद प्यार करते थे और हमेशा मददगार स्वभाव के व्यक्ति थे।

सच्चा प्यार किसी त्याग से कम नहीं

इस घटना ने न सिर्फ गांव को शोक में डुबो दिया है, बल्कि यह साबित कर दिया कि सच्चा प्यार किसी त्याग से कम नहीं होता। एक पति ने अपनी पत्नी की जान बचाने के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी।


 
 
 

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