धनबाद के बहुचर्चित नीरज सिंह हत्याकांड में कोर्ट ने सुनाया फैसला
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Aug 27, 2025
- 3 min read

साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपियों को कोर्ट ने कर दिया बरी
धनबाद। बहुचर्चित नीरज सिंह हत्याकांड मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश 16 एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दुर्दश चंद्र अवस्थी की अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है. बचाव पक्ष के वकील मो जावेद ने बताया कि साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है. वहीं नीरज सिंह के भाई अभिषेक सिंह ने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे.

8 साल 5 महीने 5 दिन बाद नीरज सिंह हत्याकांड का फैसला
पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह, ड्राइवर घल्टू महतो, पी.ई. अशोक यादव और बॉडीगार्ड मुन्ना तिवारी की 21 मार्च 2017 की शाम सरायढेला थाना क्षेत्र के स्टील गेट में हत्या कर दी गई थी. दो बाइकों पर सवार चार अपराधियों ने नीरज सिंह की गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग की थी. जिसके बाद 23 मार्च 2017 को नीरज सिंह के भाई अभिषेक सिंह उर्फ घ्घ्गुड्डू सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई थी. नीरज सिंह के भाई अभिषेक सिंह की शिकायत पर संजीव सिंह, जैनेंद्र सिंह उर्फ घ्घ्पिंटू सिंह, गया सिंह, महंत पांडे और सिद्धार्थ गौतम उर्फ घ्घ्मनीष सिंह को आरोपी बनाया गया था. बाद में, अप्राथमिकी अभियुक्तों में नाम जुड़ते गए. मामले में कार्रवाई करते हुए संजीव सिंह के साथ, धनजी सिंह, संजय सिंह, पिंटू सिंह, डब्लू मिश्रा, पंकज सिंह, शूटर अमन सिंह, सतीश सिंह, कुर्बान अली और सागर सिंह को गिरफ्तार किया गया था. जिसके बाद मामले में 4 अगस्त 2017 को आरोप तय किए गए.

74 में से 37 गवाहों ने साक्ष्य प्रस्तुत किए
अभियोजन पक्ष ने 106 तारीखों पर 74 में से 37 गवाहों के साथ सभी साक्ष्य प्रस्तुत किए. बचाव पक्ष ने 86 तारीखों पर 5 गवाह पेश किए. दोनों पक्षों की ओर से 49 तारीखों पर बहस हुई.
पुलिस ने नीरज सिंह हत्याकांड में 12 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए थे. 3 दिसंबर 2023 को जेल के अंदर शूटर अमन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
7 आरोपी जमानत पर हैं. जबकि 3 आरोपी जेल में बंद हैं.।

इन 11 आरोपियों के खिलाफ दी गयी थी चार्जशीट
1. यूपी के अंबेडकर नगर के शूटर अमन सिंह, 2. सुल्तानपुर के कुर्बान अली उर्फ घ्घ्सोनू, 3. बलिया के चंदन सिंह उर्फ घ्घ्रोहित उर्फ घ्घ्सतीश, 4. सुल्तानपुर के शिबू उर्फ घ्घ्सागर सिंह, 5. सुल्तानपुर लंभुआ के पंकज सिंह, 6. समस्तीपुर के डब्लू मिश्रा, 7. झरिया के विनोद सिंह, 8. सरायढेला के धनजी सिंह, 9. जैनेंद्र सिंह उर्फ पिंटू, 10. झरिया के संजय सिंह और 11. मुन्ना बजरंगी के शार्प शूटर प्रयागराज के धर्मेंद्र प्रताप सिंह को चार्जशीट में आरोपी बनाया गया था. जिनमें से 10 आरोपी फिलहाल मुकदमे का सामना कर रहे थे.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अदालत में शामिल हुए तीन अभियुक्त
संजीव सिंह, जैनेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह, डब्लू मिश्रा, विनोद सिंह, सागर सिंह उर्फ घ्घ्शिबू, चंदन सिंह, कुर्बान अली, पंकज सिंह, रणधीर धनंजय उर्फ घ्घ्धनजी जमानत पर हैं. जबकि आरोपी विनोद कुमार धनबाद जेल में, सागर सिंह उर्फ शिबू कोडरमा जेल में और चंदन सिंह पलामू जेल में बंद है. तीनों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में शामिल हुए. वहीं जमानत पर बाहर आए पूर्व विधायक संजीव सिंह का दिल्ली में इलाज चल रहा है. बाकी सभी आरोपी अदालत में मौजूद रहे।
नीरज सिंह के चचेरे भाई हैं पूर्व विधायक संजीव सिंह
पूर्व विधायक संजीव सिंह, नीरज सिंह के चचेरे भाई हैं. नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा नीरज सिंह कांग्रेस से झरिया की पूर्व विधायक हैं. जबकि संजीव सिंह की पत्नी भाजपा से झरिया की वर्तमान विधायक हैं. इस ऐतिहासिक फैसले को लेकर पूरे शहर की निगाहें अदालत पर टिकी थीं. फैसले के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी. कोर्ट परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था. अदालत की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर सुरक्षा घेरा लगा दिया गया था और पुलिस बल तैनात कर दिया गया था. वाहनों के अदालत में जाने पर रोक लगा दी गई थी. पुलिस पैदल आने वाले लोगों की भी तलाशी ले रही थी. एसएसपी प्रभात कुमार सुरक्षा को लेकर अदालत और अन्य जगहों का खुद जायजा ले रहे थे.








Comments