दुमका में “रन फॉर झारखंड” में दौड़े आईएएस अधिकारी
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Nov 11
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झारखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर दुमका में दिखा जोश, उमंग और एकता का संदेश
दुमका | झारखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मंगलवार को दुमका में “रन फॉर झारखंड” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह दौड़ डीसी चौक से प्रारंभ होकर धर्मस्थान, टाटा शोरूम, टावर चौक, गांधी मैदान होते हुए इनडोर स्टेडियम में संपन्न हुई।

प्रशिक्षु आईएएस ने दिखाई हरी झंडी, खुद भी बने प्रतिभागी
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर किया। विशेष बात यह रही कि उन्होंने केवल शुभारंभ ही नहीं किया, बल्कि स्वयं भी उत्साहपूर्वक दौड़ में शामिल हुए। उनके साथ उपायुक्त कार्यालय, विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, एनसीसी कैडेट्स, स्कूली छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में आमजन ने भी हिस्सा लिया।

“झारखंड /25” थीम के साथ दिया एकता और उन्नति का संदेश
दौड़ में शामिल प्रतिभागियों ने “झारखंड /25” थीम के माध्यम से राज्य की गौरवशाली यात्रा, एकता और उन्नति का प्रतीकात्मक संदेश दिया। सभी प्रतिभागी “स्वस्थ झारखंड, सशक्त झारखंड” के नारे लगाते हुए दौड़े। पूरा माहौल देशभक्ति, उत्साह और जोश से सराबोर रहा।

विजेताओं को मिला सम्मान
दौड़ प्रतियोगिता के अंत में इनडोर स्टेडियम में समापन समारोह आयोजित किया गया।
इस दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को उपायुक्त अभिजीत सिन्हा, पुलिस अधीक्षक, एवं प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों द्वारा पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। विजेताओं को सम्मानित करते हुए अधिकारियों ने राज्य स्थापना दिवस पर उन्हें शुभकामनाएं दीं।

उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा — “यह दौड़ राज्य की एकता और जोश का प्रतीक”
इस अवसर पर उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा कि “रन फॉर झारखंड राज्य की एकता, जोश और विकास की भावना का प्रतीक है। युवाओं को चाहिए कि वे स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध झारखंड के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।” उन्होंने कहा कि झारखंड की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होना गर्व की बात है। यह दौड़ केवल स्वास्थ्य और फिटनेस का प्रतीक नहीं, बल्कि राज्य की एकता, उत्साह और विकास के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

आमजन और युवाओं में रहा उत्साह
कार्यक्रम में शामिल छात्र-छात्राओं और प्रतिभागियों में झारखंड के प्रति गर्व और उत्साह झलक रहा था।
हर चेहरे पर जोश और गर्व की भावना थी। लोगों ने झारखंड की समृद्ध परंपरा, संस्कृति और एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की।









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