दुमका के सालजोरा बंदरी गांव में 12 मोबाइल फोन लेकर क्या कर रहा था बांका का युवक
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Nov 1, 2025
- 2 min read

सरैयाहाट थाना पुलिस ने गिरफ्तार सचिन मंडल के बारे में किया ये खुलासा
दुमका। जिला के सरैयाहाट थाना पुलिस ने शुक्रवार को सालजोरा बंदरी गांव से बांका के एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने मौके से एक-दो नहीं बल्कि 12 मोबाइल फोन बराबर किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बांका जिला के बंधुआकुरा थाना क्षेत्र के बगीचा गांव निवासी सचिन मंडल उर्फ कपिल मंडल (29 वर्ष) के रूप में की गई है। छापेमारी दल में थाना प्रभारी राजेंद्र यादव, एसआई जयप्रकाश दास, एसआई विकेश मेहरा, एसआई इमाम खां, एएसआई वीरेंद्र कुमार, एएसआई संजय सिंह और हवलदार उमाशंकर कुमार शामिल थे।
प्रतिबिंब ऐप से मिली सूचना
दुमका। हंसडीहा सर्किल इंस्पेक्टर बी. पासवान ने थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि थाना प्रभारी राजेंद्र यादव को पुलिस अधीक्षक के तकनीकी शाखा द्वारा प्रतिबिंब ऐप के माध्यम से सूचना मिली थी कि सरैयाहाट थाना क्षेत्र के सालजोरा बंदरी गांव (संथाली टोला के पीछे) में साइबर ठगी की गतिविधियां चल रही हैं। सूचना के आधार पर वरीय अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया।
बरामद 10 मोबाइल के धारकों की तलाश
दुमका। प्रतिबिंब ऐप से प्राप्त लोकेशन के अनुसार पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो कई युवक मोबाइल फोन छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर एक युवक को पकड़ लिया, जबकि अन्य आरोपी घनी झाड़ियों का फायदा उठाकर फरार हो गए। गिरफ्तार सचिन मंडल की तलाशी में दो एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किए गए, साथ ही घटनास्थल से 10 अन्य मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।
फर्जी ऐप और लिंक से करते थे ठगी
पूछताछ में सचिन मंडल ने स्वीकार किया कि वह अपने साथियों — मिथुन मंडल, मणिकांत मंडल, समीर सिंह और सुमन कुमार मंडल (सभी सालजोरा बंदरी गांव निवासी) — के साथ मिलकर साइबर ठगी का काम करता था। वे खुद को बैंक कर्मी, क्रेडिट कार्ड अधिकारी, लोन अफसर या सरकारी योजना प्रतिनिधि बताकर लोगों को कॉल करते थे।
मोबाइल क्लोनिंग कर ओटीपी लेकर खातों से निकाल लेते थे रुपये
दुमका। ठगी के लिए ये आरोपी फर्जी ऐप जैसे Traffic Admin App, RTO Admin App, User Admin IndusInd Credit Card App आदि के नाम से लिंक भेजते थे। लिंक खुलते ही संबंधित व्यक्ति का मोबाइल क्लोनिंग कर लिया जाता था और उनके ओटीपी का उपयोग कर बैंक खातों से पैसे निकाल लिए जाते थे।
30 प्रतिशत पर बेच देते है ठगी के पैसे
दुमका। सचिन ने खुलासा किया कि ठगी से प्राप्त रकम अमेजन पे अकाउंट (7368807961) से मार्केटिंग में खर्च की जाती थी। बैंक खातों में सीधे पैसे न लेकर वे किसी परिचित व्यक्ति के खाते का उपयोग करते थे और उसे 30 प्रतिशत कमीशन देते थे।




















Comments