दुमका के सरैयाहाट सीएचसी ने रचा रिकॉड, एक ही रात में 10 सुरक्षित प्रसव
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Oct 25, 2025
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छह बेटियां और चार बेटे के जन्म से गूंजा अस्पताल परिसर
दुमका। ग्रामीण झारखंड में स्वास्थ्य सेवा का नया कीर्तिमान सरैयाहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ने स्थापित किया है। शुक्रवार रात 9 बजे से शनिवार सुबह तक यहां 10 महिलाओं ने सुरक्षित रूप से बच्चों को जन्म दिया, जिससे पूरा स्वास्थ्य केंद्र खुशियों से झूम उठा। इन प्रसवों में 6 नवजात बेटियां और 4 नवजात बेटे शामिल हैं। सभी प्रसव प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रभा रानी प्रसाद की देखरेख में हुए। इस सफलता में जीएनएम शिखा, जीएनएम शर्मिला और एएनएम अर्चना कुमारी की टीम ने अहम भूमिका निभाई।

“सरकारी अस्पतालों में भी अब भरोसा और बेहतर सुविधा”
आज जहां शहरी क्षेत्रों में लोग दिखावे और विश्वास के नाम पर प्राइवेट अस्पतालों की ओर दौड़ते हैं, वहीं सरैयाहाट जैसे ग्रामीण सरकारी अस्पताल ने यह साबित कर दिया है कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था आज भी मजबूत, संवेदनशील और सक्षम है।

सभी माताएं और नवजात शिशु पूरी तरह स्वस्थ
सभी माताएं और नवजात शिशु पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। परिजनों ने डॉक्टरों और नर्सों की समर्पण भावना की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।

7 माह में 795 सुरक्षित प्रसव कृ स्वास्थ्य सेवा में बड़ा कदम
अप्रैल 2025 से अब तक सरैयाहाट प्रखंड के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में 2134 सुरक्षित प्रसव कराए जा चुके हैं, जिनमें सिर्फ सरैयाहाट सीएचसी में 795 प्रसव हुए हैं।
यह आँकड़ा न केवल सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की सशक्तता को दर्शाता है बल्कि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं पर बढ़ते भरोसे का भी प्रतीक है।

सुरक्षित और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं देना उद्देश्य: डॉ. प्रभा रानी
“स्वास्थ्य केंद्र में मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों और कर्मचारियों की एक समर्पित टीम कार्यरत है। हमारा उद्देश्य माताओं और शिशुओं को उच्च गुणवत्ता वाली, सुरक्षित और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।”

स्वास्थ्य केंद्र के लिए गौरव का क्षण
सरैयाहाट सीएचसी की यह उपलब्धि न केवल स्वास्थ्य केंद्र के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का संदेश भी कि सही सेवा और समर्पण से सरकारी व्यवस्था भी उम्मीद की किरण बन सकती है।









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