दुमका के दो नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Oct 10, 2025
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नीति आयोग ने उपायुक्त अभिजीत सिन्हा को दिया “यूज़ केस चौलेंज अवार्ड”
दुमका/नगर संवाददाता। जिला प्रशासन के दो अभिनव पहल- “दीदी की दुकान” एवं “चौबीस गुणा सात ऑनलाइन शिक्षा समर्थन” को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा आयोजित यूज़ केस चौलेंज में इन दोनों पहलों को उत्कृष्ट नवाचार के रूप में चयनित किया गया है। मसूरी में आयोजित कार्यक्रम में दुमका के उपायुक्त अभिजीत सिन्हा को नीति आयोग की ओर से “यूज़ केस चौलेंज अवार्ड” प्रदान किया गया।

खोले गये हैं दीदी की दुकान” और दीदी का ढाबा
दुमका में पहले उप विकास आयुक्त एवं फिर उपायुक्त के रूप में अभिजीत सिन्हा के पहल पर “दीदी की दुकान” और दीदी का ढाबा पहल के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोज़गार से जोड़ा गया है, जिससे न केवल आर्थिक सशक्तिकरण हुआ है बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी उन्हें प्रेरित किया गया है। वहीं, “चौबीस गुणा सात ऑनलाइन शिक्षा समर्थन” पहल ने दुमका जिले के छात्रों को डिजिटल माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह उपलब्धि दुमका जिले के लिए गर्व का विषय है और यह प्रमाण है कि नवाचार और समर्पण के बल पर प्रशासनिक तंत्र जनहित में नई मिसालें कायम कर सकता है।

दुमका ने दिखाया शिक्षा के क्षेत्र में नई राह
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए), मसूरी में आयोजित इस कार्यक्रम में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने बताया कि इस नवाचार से ग्रामीण क्षेत्रों में क्या बदलाव आया हैं और कैसे यह योजनाएँ लाभार्थियों के जीवन में सकारात्मक असर डाल रही हैं। उन्होंने बताया कि दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में भी महिलाओं को प्रोत्साहित कर योजना का लाभ देते हुए दीदी की दुकान और दीदी का ढाबा खुलवाया गया है। चौबीस गुणा सात अकादमिक सपोर्ट टू स्टूडेंट्स के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। यह कार्यक्रम छात्रों को हर समय शैक्षणिक सहायता प्रदान करता है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और ग्रामीण बच्चों को बड़े शहरों के विद्यार्थियों जैसा अवसर मिलने लगा है।





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