दुमका के जामा में मजाक बन कर रह गया रक्तदान शिविर
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Sep 23, 2025
- 2 min read

उपायुक्त के आदेश के बावजूद महज एक यूनिट रक्तदान
दुमका ब्लड केन्द्र से गये थे तकनीशियन समेत आधा दर्जन स्टाफ
जामा/निज संवाददाता। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा के आदेश पर ग्रामीण इलाकों में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसी के तहत मंगलवार को जामा प्रखंड मुख्यालय के सभागार में आयोजित रक्तदान शिविर मजाक बन कर रह गया। इस शिविर के लिए एंबुलेंस के साथ दुमका ब्लड बैंक के आधा दर्जन स्टॉफ 50 यूनिट ब्लड के कलेक्सन की तैयारी के साथ जामा गये थे और वहां तीन बेड लगा कर जामा सीएचसी के एक दर्जन स्वास्थ्यकर्मियों को प्रतिनियुक्त किया गया था पर महज एक यूनिट ही रक्तदान हुआ। शिविर में मात्र एक सागर मिर्धा ने एक यूनिट रक्तदान किया जिसे उपप्रमुख पूनम देवी ने मोमेंटो देकर सम्मानित किया।

बीडीओ व चिकित्सा प्रभारी ने नहीं ली रूचि
शिविर में प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ विवेक किशोर ने बताया कि हर व्यक्ति को जीवन में अपना रक्तदान करना चाहिये। एक बूंद खून की कमी के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु न हो इसलिए नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिये। रक्तदान मानव की सबसे बड़ी सेवा है। शरीर में रक्त का निर्माण लगातार होता रहता है इसलिए हर व्यक्ति को एक युनिट रक्तदान करना चाहिए। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शशिधर मिश्रा ने बताया कि रक्त दान करने से स्वास्थ्य पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। रक्तदान करने से किसी जरूरतमंद की जान बचायी जा सकती है। दुर्घटना आपरेशन व गंभीर बीमारी से पीड़ित रोगी के लिए रक्त ही जीवन का सहारा बनता है। रक्तदान न केवल दूसरों को मदद करता है बल्कि दाता के शरीर में भी नए रक्त कणों का निर्माण तेज करता है। जिससे स्वास्थ्य बेहतर रहता है। इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए। पर इन दोनों ने रक्तदान के लिए कोई प्रयास नहीं किया था। रक्तदान केवल भाषणबाजी तक सीमित रह गया।

पहले से निर्धारित था रक्तदान कार्यक्रम
जामा प्रखण्ड मुख्यालय में पहले से 23 सितम्बर को रक्तदान शिविर निर्धारित था। मंगलवार को दुमका ब्लड केन्द्र के तकनीशियन विकास कुमार, एएनएम मधुमिता, चर्तुाि वर्गीय कर्मी मुन्ना मेहतर और मेडिकल के तीन स्टूडेंट एंबुलेंस में ब्लड कलेक्सन के लिए 50 यूनिट बैग, जांच के सामान एवं रिफ्रेसमेंट लेकर जामा पहुंचे। जामा सीएचसी की नर्स समेत एक दर्जन स्वास्थ्यकर्मी भी दिनभर रक्तदाता के इंतजार में बैठे रहे पर दूसरा कोई रक्तदाता नहीं आया। बीडीओ, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, या ब्लॉक के किसी कर्मचारी ने भी रक्तदान नहीं किया। अंतत एक यूनिट रक्त और 49 खली बैग लेकर तकनीशियन, नर्स एवं मेडिकल स्टुडेंट की टीम एंबुलेंस से वापस दुमका ब्लड केन्द्र लौट गयी।





Comments