दुमका का ‘मिनी गोवा’ बना जोखिम भरा हैंगआउट स्पॉट
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Sep 16, 2025
- 4 min read

चेतावनी बोर्ड बेअसर, नदी किनारे नहाने और स्टंट करने से नहीं बाज आ रहे किशोर
किशोरों में है क्रेज पर पर्यटन विकास व सुरक्षा को लेकर लापरवाह बना हुआ है विभाग
दुमका। दुमका के कुम्हड़ाबाद में झारखण्ड का सबसे लंबा पुल बना तो किशोरों ने इसे नाम दिया ‘‘सेल्फि ब्रीज’’ सरकार और जिला प्रषासन ने भी इस नाम को अपना लिया। सेल्फि ब्रीज के बोर्ड लगाये गये और वहां पर्यटन विकास की योजनाएं बनायी जा रही है। सेल्फि ब्रीज खासकर वैसे युवाओं में लोकप्रिय है जो रील बनाते हैं या फिर बाइकर्स हैं यानि तेज रफ्तार में बाइक चलाते हैं। पर दुमका में सेल्फि ब्रीज बनने से सालांें पहले से एक जगह है जिसे किशोरों ने नाम दिया है मिनी गोवा। दुमका-भागलपुर मार्ग पर हरिपुर में मयुराक्षी नदी के जिस हिस्से को मिनी गोवा कहा जाता है वहां तक जाने के लिए सड़क नहीं है, लेकिन गूगल मैप वहां तक जाने का रास्ता बताता है। कच्चे रास्ते से वहां तक बाइक से आसानी से पहुंचा जा सकता है। थार जैसी गाड़ी से भी वहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। यह वही मिनी गोवा हैं जहां संत जोसेफ स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा पास करनेवाले और इंटरमिडिएट में पढ़ाई कर रहे चार दोस्तों की हाल में ही डूबने से मौत हो गयी। चार मौतों के बाद जिला प्रशासन ने एक बोर्ड लगाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। इस बोर्ड में लिखा है कि ‘‘नदी के इस स्थान में जाना/नहाना मना है। यहां काफी युवा/लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। - दुमका पुलिस।’’ इस बोर्ड के लगाये जाने के बावजूद जब हम 15 सितम्बर की शाम यहां पहुंचे तो तीन किशोर इसी जगह नदी में नहा रहे थे जबकि सालों से अधूरे पड़े इंटेक वेल जाने के लिए बनाये गये ब्रीज पर दो बच्चे महंगी साइकिल से स्टंट कर रहे थे। इस जगह पर किशोर एवं किशोरियों का आना और मौज मस्ती जारी था। न कोई रोक-टोक न किसी को किसी का डर।

इंस्ट्राग्राम पर भरे पड़े हैं मिनी गोवा के रील
किशोरों और युवाओं में लोकप्रिय इंस्ट्राग्राम पर मिनी गोवा के रील भरे हुए हैं। मुख्य सड़क से लेकर मिनी गोवा तक का वीडियो, द्रोन कैमरे से लिया गया वीडियो इतना खुबसुरत है कि इसे देखकर घुमावदार और कच्चे रास्ते से गुजरते हुए युवा और किशोर यहां लगातार पहुंच रहे हैं। इंस्ट्राग्राम पर अपलोड किये गये मिनी गोवा के कई वीडियो में जो गाने डाले गये हैं और जो रिपोर्ट है उससे पता चलता है कि किशोर यहां केवल मयूराक्षी नदी के तट की प्राकृतिक खूबसूरती देखने या नहाने नहीं आते हैं बल्कि वे बीयर, शराब गांजा आदि का नशा करने और बैचलर पार्टी मनाने के लिए भी आते हैं। स्थानीय ग्रामीणांें की मानें तो नहाने के दौरान मौत होने की एक वजह नशा करने के बाद नदी में नहाने के लिए उतरना भी रहा है।

अबतक 16 किशोरों की जान ले चुका है मिनी गोवा
मिनी गोवा के नाम से मशहूर यह स्थल जितनी खूबसूरत है कहीं उससे ज्यादा डरावनी यहां का इतिहास है. पिछले एक दशक में यहां की कलकल बहती धारा में नहाने उतरे इस स्थान पर 16 युवाओं की मौत हो चुकी है। जिसमें अधिकांश टीनएजर्स है. कुछ वर्ष पूर्व 6 स्कूली छात्र यहां डूबे थे, उनमें से 5 का शव बरामद हुआ लेकिन एक का पता आज भी नहीं चल पाया। जिस बच्चे का शव आज तक नहीं मिला वह रामगढ़ प्रखण्ड का रहनेवाला था। उस समय मिनी गोवा में डूबनेवाले छहों किशोर दुमका के एस एस विद्या विहार स्कूल में पढ़नेवाले दोस्त थे। 15 दिन पूर्व भी इसी मिनी गोवा में इंटरमिडिएट में पढ़नेवाले चार छात्रों की मौत हो गई।

निर्माण कार्य के कारण नदी में बड़े-बड़े गढ्डे
16 सितम्बर को मिनी गोवा में स्नान कर बाहर निकले तीन किशोरों से जब हमने नदी की गहरायी के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि वे तीनों लेट कर स्नान कर रहे थे। जहां वह स्नान कर रहे थे, वह छिछला जगह है। उससे आगे अचानक से गहराई है जहां चारों छात्र डूब गये थे। दरअसल यहां से गुजनेवाली मयुराक्षी नदी पर एक चेक डैम बनाया गया है और पेयजलापूर्ति के लिए एक इंटेक वेल बना जा रहा है जो सालों से अधूरा पड़ा है। इन दोनों के निर्माण और पास में स्थित साहेबगंज-गोविंदपुर हाईवे के निर्माण के लिए इस नदी से पोकलन से मिट्टी निकाला गया है जिसके कारण कई जगह पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं। जब बारिश के कारण पूरी नदी लबालब रहती है तो पता नहीं चलता कि कहां कितनी गहरायई है। यही कारण है कि अचानक से कोई दोस्त गहरे पानी में जाकर डूबने लगता है और फिर उसे बचाने के चक्कर में एक-एक कर बाकी दोस्त भी डूब जाते हैं।

जबतक खतरनाक स्थलों को बैरिकेट नहीं किया जाये, मिनी गोवा नहीं जाएं
लगातार हो रहे हादसे के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा यहां एक बोर्ड लगाया गया है, जिसमें स्पष्ट लिखा गया है कि नदी में स्नान करने न जाएं क्योंकि यहां अब तक कई लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है. बोर्ड लगाकर पुलिस प्रशासन ने अपने कर्तव्य का अंत कर लिया लेकिन एक ही जगह पर बार बार हो रहे हादसों के कारण को ढूंढने का प्रयास नहीं किया गया. नतीजा आज भी युवा पीढ़ी बेरोकटोक नदी में उतर कर स्नान कर रहे है। संथाल परगना खबर अपील करता है कि जबतक मिनी गोवा के खतरनाक और गहरे स्थलों को ब्लैक स्पॉट मानकर सुरक्षित नहीं कर दिया जाता या ऐसे खतरनाक स्थलों को चिन्हित कर बैरिकेट नहीं कर दिया जाता, तबतक ऐसे जानलेवा स्थल पर जाने से परहेज करें। दुमका में कई खुबसुरत प्राकृतिक स्थल है. वहां जाएं। मौज मस्ती करें पर सावधानी जरूर बरतें क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही आपको काल के गाल में पहुंचा सकता है और आपके परिवार और जाननेवालों को जीवनभर का दुख दे सकता है।






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