डायरिया से बुजुर्ग महिला की मौत के बाद हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Nov 15
- 2 min read

दुमका के बांसपहाड़ी में लगा स्वास्थ्य शिविर, दो बच्चियों की हालत में सुधार
दुमका जिले के गोपीकांदर प्रखंड के बांसपहाड़ी गांव में डायरिया से एक वृद्ध महिला सोनमती की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग शुक्रवार देर शाम सक्रिय हुआ। विभाग की टीम रात करीब आठ बजे गांव पहुंची और तत्काल डायरिया से पीड़ित दोनों बच्चियों का उपचार शुरू किया। पांच वर्षीय प्रिया मरांडी और चार वर्षीय संतरी मरांडी की हालत शनिवार तक सुधर गई। दोनों का अपने घर में दादा-दादी की देखरेख में इलाज जारी है।

पति बंगाल में बीमार, मां बच्चों को छोड़ गईकृइसी बीच डायरिया ने पकड़ा
परिजनों के अनुसार बच्चियों के पिता ईमेल मरांडी एक सप्ताह पहले रोजगार की तलाश में पश्चिम बंगाल गए थे और वहां पहुंचते ही बीमार पड़ गए। उनकी बीमारी की सूचना मिलने पर पत्नी बीना सोरेन बच्चों को सास-ससुर के हवाले कर पति को लाने बंगाल चली गई। इसी दौरान दोनों बच्चियों को तेज डायरिया हो गया। दो दिन पहले गांव के ही होपना मरांडी भी डायरिया से पीड़ित मिले थे और इलाज के बाद घर लौटे, लेकिन संक्रमण फैलने के कारण उन्हें दूसरे गांव दुवारीया में शिफ्ट किया गया है।

मृतका सोनमती का अंतिम संस्कार, गांव में बढ़ी बेचौनी
शनिवार को डायरिया से मृत सोनमती का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनकी मौत के बाद गांव में दहशत का माहौल है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों में कई लोग बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को गांव में कैंप लगाकर कई परिवारों की जांच की और दवाएं वितरित कीं। टीम ने ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर अस्थायी प्रवास और स्वच्छ जल के उपयोग की सलाह दी।

गांव में स्वास्थ्य सहिया नहीं-परिवार ने सुनाई पीड़ा
मृतका के बेटे शिवधन मरांडी ने बताया कि उनकी मां गुरुवार को खेत में काम कर रही थीं, जहां उन्हें कई बार दस्त और उल्टी हुई। रात में बेचौनी बढ़ी और सुबह तक उनकी मौत हो गई। शिवधन ने चिंता जताई कि गांव में स्वास्थ्य सहिया तक उपलब्ध नहीं है। ग्राम प्रधान जीमल मरांडी ने भी पुष्टि की कि गांव में डायरिया तेजी से फैल रहा है और तत्काल सभी परिवारों की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘‘एक की मौत हो चुकी है, दो बच्चियां और एक पुरुष अभी भी प्रभावित हैं। शुक्रवार रात दो स्वास्थ्यकर्मी आए थे, पर गांव को पूरी चिकित्सा सहायता की जरूरत है।’’









Comments