झामुमो खेमे में अध्यक्ष पद को लेकर घमासान, तीन दावेदार आमने-सामने
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Jan 23
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दुमका नगर परिषद चुनाव में भाजपा के साथ-साथ झामुमो खेमे में भी अध्यक्ष पद के समर्थन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। झामुमो समर्थित माने जा रहे तीन प्रमुख चेहरे—अजय कुमार झा उर्फ मिक्की झा, अभिषेक चौरसिया और राजेश राउत—चर्चा के केंद्र में हैं, जिससे पार्टी के भीतर समर्थन की रणनीति सबसे बड़ा सवाल बन गई है। तीनों दावेदारों की सक्रियता ने यह संकेत दे दिया है कि झामुमो खेमे में भी अध्यक्ष पद की लड़ाई निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ रही है।

मिक्की झा बनाम संगठन, जनता के प्रत्याशी का दावा
अजय कुमार झा उर्फ मिक्की झा को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का करीबी माना जाता है और विधानसभा चुनाव में दुमका शहरी क्षेत्र में झामुमो को मिले मजबूत समर्थन से उनकी राजनीतिक पकड़ का अंदाजा लगाया जाता है। हालांकि मिक्की झा खुद को पार्टी नहीं बल्कि जनता का प्रत्याशी बताते हुए बाबा बासुकीनाथ के आशीर्वाद और जनसमर्थन से चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं, जिससे उनका राजनीतिक स्टैंड पार्टी समीकरणों से अलग नजर आ रहा है और मुकाबले को और रोचक बना रहा है।

चौरसिया और राउत की सक्रियता, पार्टी समर्थन पर सस्पेंस बरकरार
अभिषेक चौरसिया 2018 के नगर निकाय चुनाव में झामुमो के उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे थे और 7006 मत प्राप्त कर 1697 मतों के अंतर से हार का सामना किया था, साथ ही वे वार्ड नंबर 11 से पार्षद भी रह चुके हैं और वर्तमान में विधायक बसंत सोरेन के करीबी माने जा रहे हैं। वहीं राजेश राउत झामुमो के कार्यक्रमों और नेताओं के साथ लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं और विधायक बसंत सोरेन के साथ उनकी हालिया तस्वीरों ने उनकी दावेदारी को और मजबूत संकेत दिया है। हालांकि पार्टी ने अब तक अध्यक्ष पद के लिए अपना पत्ता नहीं खोला है, लेकिन तीनों दावेदारों की बढ़ती सक्रियता से साफ है कि दुमका नगर परिषद चुनाव में झामुमो के भीतर राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और समर्थन की लड़ाई निर्णायक होने वाली है।





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