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जिला शिक्षा पदाधिकारी ने की बड़ी कार्रवाई, 114 सीआरपी का वेतन बंद

गोपीकांदर को छोड़कर शेष नौ प्रखण्डों के सीआरपी पर की गयी कार्रवाई

दुमका/नगर संवाददाता। जिला शिक्षा पदाधिकारी भूतनाथ रजवार ने शिक्षा विभाग की मैराथन समीक्षा की। इसमें सावित्री बाई फूले, प्री मेट्रिक छात्रवृति, पाठ्य पुस्तक खेल सामग्री एवं साइकिल वितरण, एक पेड़ मां के नाम, मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार योजना, बैंक खाता, आधार पंजियन आदि की बिंदुवार समीक्षा की। इन बिंदुओं पर कार्य में पीछे रहने वाले संकुल साधन सेवी प्रखंड साधन सेवी एवं प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी का कार्य पूर्ण होने तक उनका वेतन स्थगित कर दिया। जिन कर्मी का कार्य अत्यधिक नीचे है उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही भी की जाएगी। दरअसल दुमका जिला के 10 प्रखण्डों में 134 सीआरपी स्कूलों के मोनिटरिंग के लिए नियुक्त हैं। इन्हें सरकार प्रत्येक माह 18 से 22 हजार रुपये देती है जिसके एवज में इन्हें 15-16 विद्यालयों में मोनिटरिंग कर सरकार के योजनाओं का अनुपालन सुनिश्चित करवाना होता है। पर गोपीकांदर प्रखण्ड को छोड़कर शेष नौ प्रखण्डों के सीआरपी लगातार काम में लापरवाही बरत रहे थे। ऐसे 114 सीआरपी को चिन्हित करते हुए उनका वेतन रोकने का डीईओ ने आदेश दिया है।

जामा, जरमुंडी, मसलिया, सरैयाहाट सबसे पिछड़े प्रखण्ड

समीक्षा के क्रम में जामा, जरमुंडी, मसलिया, सरैयाहाट आदि प्रखंड कार्य पूरा करने में सबसे नीचे पाए गए। जो निजी स्कूलों ने एक पेड़ मां के नाम, यू डायस, मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार योजना जैसे कार्य करने में लापरवाही कर रहे हैं। उनके विरुद्ध निबंधन खत्म करने की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों के कारण जिले के रैंकिंग नीचे जा रहा है उनके शिक्षकों एवं जिम्मेदार कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

स्कूली शिक्षा के मामले में दूमका जिला 20वे नंबर पर पिछड़ा

स्कूली शिक्षा के मामले में दुमका जिला राज्य के 24 जिलों में 5-6 नंबर पर रहा करता था जो अब पिछड़ कर 20वें नबर पर चला गया है। जबतक जिला 10वें नंबर पर था तबतक को थोड़ी बहुत ही कार्रवाई हुई पर राज्य में उपर से पांचवें स्थान पर रहनेवाला दुमका जिला जब नीचे से पांचवें स्थान पर चला गया तो कार्रवाई हो गयी। सीआरपी पहले श्रावणी मेला में ड्यूटी होने का हवाला देकर बचते रहे पर मेला तो 9 अगस्त को ही खत्म हो गया। उसके 20 दिनों बाद भी जब काम में तेजी नहीं आयी तब जाकर डीईओ ने लापरवाह सीआरपी पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया।

डीईओ ने निजी स्कूलों को भी चेतावनी दी

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने निजी स्कूलों को भी चेतावनी दी कि वे शिक्षा विभाग के किसी कार्य में लापरवाही नहीं कर सकते हैं अन्यथा उनके विद्यालय को बन्द कराने की कार्रवाई करने के लिए विभाग बाध्य होगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने अच्छे कार्य करने एवं शत प्रतिशत उपलब्धि के लिए मसलिया के सीआरपी भावेश झा, सरैयाहाट के उदय कुमार दत्ता एवं शिकारीपाड़ा के पंकज कुमार की प्रशंसा की एवं उन्हें प्रशस्ति पत्र देने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी देवेश कुमार सिन्हा, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी श्याम सुंदर मोदक, विभाष चंद्र महतों, सहायक कम्प्यूटर प्रोग्रामर सुबोल चन्द्र कपूर, रजिया हिल कमर सहित सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, जिले के सभी संकुल साधन सेवी उपस्थित थे।

 
 
 

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