गोताखोर भी जब नहीं निकाल सके शव तो फिर काम आया ये जुगाड़
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Sep 28, 2025
- 2 min read

मसानजोड़ डैम में शनिवार की शाम में डूब गया था युवक नरेश सिंह
दुमका। मसानजोड़ जलाशय में डूबे युवक के शव को रविवार को मसानजोड़ थाना पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से निकाल लिया। शव को ढूंढने के लिए रविवार को दोबारा रेस्क्यू अभियान तो चलाया गया पर उसका कोई फायदा नहीं हुआ। अंत में ग्रामीणों ने जुगाड़ के मदद से शव की तलाश शुरू की क्योंकि शव पानी से उपर नहीं उथला रहा था। ग्रामीणों ने झग्गड़ जिसका इस्तेमाल आमतौर पर कुंए में बाल्टी गिर जाने पर उसे निकालने के लिए किया जाता है, उसकी मदद से युवक के शव की तलाश शुरू की। युवक जब डूबा था तो उसने पूरे कपड़े पहन रखे थे इसलिए झग्गड़ उसके कपड़े में फंस गया और झग्ग्ड़ के मदद से उसके शव को पानी से निकाला गया। युवक का नाम नरेश सिंह (उम्र तकरीबन 27 वर्ष) है।

गांव से मंगवाया गया रस्सी और झग्गड़
सूचना मिलने पर मसानजोड़ थाना प्रभारी अवधेश कुमार शनिवार की शाम में ही रेस्क्यू टीम लेकर पहूचे थे पर बाद में काफी अंधेरा हो जाने के कारण रेस्क्यू का काम रोक दिया गया था। रविवार सुबह पुनः तालाश शुरू किया गया। गोताखोरों ने काफी प्रयास किया पर शव को नहीं खोज पाये। अंत में गांव से रस्सी और ण्ग्गड़ मंगवाया गया और चिन्हित स्थान और आसपास के पानी में खोजबीन करने पर काफी देर बाद युवक को झग्गड़ के सहारे उठाया गया।

राणा टोला से ग्वाल शिमला काम करने गया था
जानकारी के अनुसार पारसिमला गांव में शनिवार शाम 5 बजे मसानजोड़ डेम के जलाशय के ग्वाल शिमला के पास एक युवक डूब गया था। जलाशय में मछली पकड़ रहे दो मछुआरों ने उस युवक को डूबते हुए देखा था। उन लोगों ने परिजनों को बताया था कि डूबने के बाद वह लड़का जलाशय से नहीं उठा। मछुवारे एवं ग्रामीणों द्वारा काफी खोजबीन किया गया लेकिन शनिवार को युवक का कुछ पता नहीं चल पाया। परिजनों ने बताया युवक अपने घर पारसिमला राणा टोला से ग्वाल शिमला काम करने गया था। युवक काम कर जलाशय पार कर घर आ रहा था कि तभी डूब गया।

मूक-बधिर माँ के आंख से नहीं थम रहे थे आंसु
युवक के पानी में डूब जाने की खबर मिलने के बाद से ही परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। मृतक नरेश सिंह दो भाई था भाई में छोटा था। उसका बड़ा भाई राजु सिंह है। उसकी मां मूक बधिर है। मूंह से बोल नहीं पाती है। बेटे को देख कर उसकी मां कुछ बोल तो नहीं पा रही थी पर लगाये रोये जा रही थी। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार किया। पुलिस ने परिजनों के लिखित आवेदन देने के बाद परिजनों को सौंप दिया है।









Comments